क्राफ्ट मेला मैदान में बुधवार को संगीत की शाम में रवि पॉल की गायकी का सूफियाना अंदाज खूब पसंद किया गया। सूफी का मतलब बताया गया कि बैरागी या सन्यासी। संगीत और समाधि (ध्यान) में गहरा संबंध है। सूफी ध्यान की अवस्था तक पहुंचने के लिए संगीत का सहारा लेते हैं। गायक रवि पॉल ने ‘चुपके - चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है...’, ‘चिटठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है, वतन से चिट्ठी आई है..’ गाया और ‘वंस मोर- वंस मोर’ पर बार-बार तालियां बजीं। नच बलिए में प्रसिद्धि बटोर चुके दिव्यांग विनोद ठाकुर ने डांस और बेबी इमरान ने राई नृत्य प्रस्तुत किया।
मुक्ताकाशी मंच पर कार्यक्रम का शुभारंभ उद्यमी धीरज खुल्लर, मनीषा खुल्लर व सुधीर श्रीवास्तव ने किया। डांसर बेबी इमरान ने राई नृत्य कर दर्शकों का मनमोह लिया। इसके बाद रवि पॉल ने गजलें सुनाकर समां बांध दिया। ढोलक पर गुलजार, की-बोर्ड पर मोनू व गिटार पर ऋषभ ने संगत दी। इंडियाज गौट टैलेंट व नच बलिए में शोहरत बटोर चुके दिव्यांग विनोद ठाकुर ने डांस दिखाकर दर्शकों की खूब तालियां बजवाईं।
‘लैगलेस ब्रेक डांसर’ के नाम से मशहूर विनोद ठाकुर ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। संचालन राजकुमार अंजुम और हास्य कलाकार जीतू ने किया। इस मौके पर प्रभात कुमार सीरौठिया और अजय पस्तोर मौजूद रहे। आभार उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।
वहीं, मेले में लगातार भीड़ बढ़ रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से सौ से अधिक शिल्पी आ चुके हैं। झूलों पर भी बच्चों की भीड़ उमड़ने लगी है। अन्य दुकानें भी सज गईं हैं।
आज आएंगे अभिक सरकार
शाम छह बजे: मुक्ताकाशी मंच पर अभिक सरकार का सरोद वादन और विनोद शाक्या द्वारा सुगम संगीत में गजलों की प्रस्तुति।