ललितपुर। सीएमओ के ड्राइवर राजकुमार द्वारा आत्महत्या से पूर्व बनाए गए वीडियो प्रकरण में शुक्रवार को ड्राइवर के परिजन खुलकर सामने आ गए। ड्राइवर के पुत्र गौरव दुबे ने डीएम और एसपी को एक शिकायती पत्र देकर राज्यमंत्री समेत छह के लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने की मांग की है। पीड़ित ने उसके परिवार को जान का खतरा और झूठे मुकदमे में फंसाने की आशंका जताई है।
दरअसल, सीएमओ के ड्राइवर राजकुमार दुबे ने बीते सात सितंबर को रात में अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद राजकुमार दुबे द्वारा आत्महत्या करने से पूर्व बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, इसमें राजकुमार दुबे ने उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री समेत छह लोगों पर रुपये वसूलने और रुपयों देने से मना करने पर परेशान करने के आरोप लगाए। वीडियो में राज्यमंत्री पर एक मुकदमे में बचाने के नाम पर बीस लाख रुपये लेने और मदद भी नहीं करने के आरोप लगाए गए। वहीं, अन्य पांच आरोपियों पर भी रुपये वसूलने और उसका मकान भी उसकी पत्नी से अपने नाम कराने के आरोप लगाए, जिसकी वजह से उसने आत्महत्या करना बताया है। इस मामले में राज्यमंत्री के विपक्षी
राजनीतिक दलों समेत अन्य संगठनों ने राज्यमंत्री की बर्खास्त करने और मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की। शुक्रवार को सुबह राजकुमार दुबे के पुत्र आजादपुरा निवासी गौरव दुबे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र देकर बताया कि उसके पिता को कुछ लोगों ने एक झूठे मुकदमे में फंसाने और थोड़े से कर्ज के एवज में कई गुना तक रुपया वसूलने और उसके अतिरिक्त भी लाखों रुपयों की मांग करने के संबंध में प्रताड़ित किया गया। इससे तंग आकर उन्होंने मौत को गले लगाया। उक्त वीडियो में कही गई बातें सत्य हैं। बताया गया कि वह मामले के संबंध में विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत देने को तैयार हैं। मृतक ड्राइवर के पुत्र ने वीडियो में उसके पिता द्वारा लिए गए राज्यमंत्री के नाम समेत छह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर दोषियों को कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पीड़ित ने कहा कि परिवार को जान का खतरा है या झूठे मुकदमे में भी फंसाने की आशंका जताई है।
यहां न्याय नहीं मिला तो योगी के दरबार में लखनऊ जाएंगे
ड्राइवर राजकुमार दुबे के पुत्र गौरव दुबे ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उसे मजिस्ट्रीयल जांच पर भरोसा नहीं है, इस मामले में पहले मंत्री को बर्खास्त कर एफआईआर दर्ज की जाए और उच्च स्तरीय एजेंसी से सीबीआई से जांच कराई जाए। उसने कहा कि यदि उसे यहां से न्याय नहीं मिला तो वह परिवार सहित मुख्यमंत्री के दरबार में लखनऊ में योगी से न्याय मांगने जाएंगे।
उक्त मामले में मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश पहले से ही दिए गए हैं, जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। योगेश कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी।