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नाराहट और बालाबेहट में बनेंगे बिजली सब स्टेशन

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नाराहट और बालाबेहट में बनेंगे बिजली सब स्टेशन
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ललितपुर। जनपद में बिजली की ओवरलोडिंग की समस्या और हर गांव में हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए पावर कार्पोरेशन ने जिले में 33 केवी क्षमता के तीन नए विद्युत सब स्टेशनों के निर्माण की स्वीकृति दे दी है। इनमें नाराहट, बालाबेहट और बार ब्लॉक में भैलोनी लोध शामिल हैं। नाराहट सब स्टेशन के लिए जमीन फाइनल हो गई है, जबकि भैलोनी लोध व बालाबेहट में सब स्टेशन के लिए जमीन की तलाश की जा रही है।
जिले में करीब सत्तर हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। सौभाग्य योजना के तहत करीब 65 हजार नए कनेक्शन जारी किए गए हैं। इसके बाद जिले में लगभग एक लाख 35 से अधिक बिजली कनेक्शनधारी उपभोक्ता हो गए हैं। एक वर्ष में एक साथ सत्तर हजार कनेक्शन बढ़ने से बिजली सब स्टेशनों में स्थापित फीडरों पर ओवरलोड की स्थिति बन रही है। इस कारण फाल्ट व मशीनें बार-बार ट्रिप हो जा रहीं हैं और उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुुसार पर्याप्त बिजली आपूर्ति भी नहीं मिल पा रही है।
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फीडरों की लंबाई भी बीस से पच्चीस किलोमीटर या फिर कई जगह इससे भी अधिक होने पर फाल्ट खोजने में भी दिक्कत होती है। इस समस्या के समाधान के लिए नाराहट, बालाबेहट एवं बार क्षेत्र में काफी लंबे समय से विद्युत सब स्टेशन बनाने की मांग चल रही थी। पिछले दिनों विधायक रामरतन कुुशवाहा ने बार क्षेत्र के भैलोनी लोध एवं राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ ने बालाबेहट व नाराहट में 33 केवी सब स्टेशन बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के प्रबंध निदेशक ने भैलोनीलोध, बालाबेहट और नाराहट में 33 केवी विद्युत सब स्टेशन बनाने को स्वीकृति दे दी है। यह सब स्टेशन सेकेंडरी वर्क्स द्वारा बनाए जाएंगे। एमडी की स्वीकृति मिलने के बाद विद्युत वितरण खंड एवं सेकेंडरी वर्क्स के अधिकारियों द्वारा प्रशासन से वार्ता कर सब स्टेशनों के लिए जमीन की तलाश शुरू की। नाराहट में ग्रासम प्रधान व जिला प्रशासन की स्वीकृति से सब स्टेशन के लिए जमीन को फाइनल कर लिया गया है।
बालाबेहट में पहले जमीन फाइनल हो गई थी, लेकिन बाद में जमीन को निरस्त कर दिया गया। इस कारण अब दूसरी जमीन तलाशी जा रही है। बार ब्लॉक के भैलोनी लोध में भी सब स्टेशन के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। सब स्टेशनों के लिए जमीन फाइनल होने के बाद निर्माण की आगे की प्रक्रिया का प्रस्ताव तैयार कर विद्युत विभाग को भेजेगा।
सात साल में अब तक नहीं बन सके तीन बिजली घर
जनपद का बिजली ढांचा सुधारने के लिए सात वर्ष पूर्व जिला में 33 केवी क्षमता के तीन सब स्टेशनों को स्वीकृति मिली थी। इनमें पूराकलां, जखौरा, नेहरूनगर, मिर्चवारा, बानपुर, जाखलौन, बंगरिया बिजली सब स्टेशन शामिल हैं। इनमें से पूराकलां, जखौरा, बानपुर और जाखलौन सब स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन तीन सब स्टेशन नेहरू नगर, मिर्चवारा व बंगरिया सात साल में भी तैयार नहीं हो सके हैं। निर्माण कार्य में देरी होने पर पहले कार्यदायी संस्था को हटाकर दूसरी एजेंसी को निर्माण का जिम्मा सौंपा गया लेकिन, अब भी यह सब स्टेशन पूर्ण रुप से तैयार नहीं हो सके हैं।
जिले में तीन नए बिजली सब स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें नाराहट सब स्टेशन के लिए जमीन फाइनल कर ली गई है, शासन- प्रशासन द्वारा अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। बालाबेहट में तकनीकी कारणों से जमीन उपयुक्त नहीं पाई गई, अब दूसरे स्थान पर जमीन की तलाश की जा रही है। आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय।
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पूर्व मेें प्रस्तावित नेहरूनगर सब स्टेशन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। शीघ्र ही सब स्टेशन शुरू किया जाएगा। बाकी सब स्टेशनों का निर्माण भी दो माह में शुरू होने की संभावना है।
अरविंद गौतम, उपखंड अधिकारी, सेकेंडरी वर्क्स।
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