शासन के आदेश जारी, नियमों के पालन न होने से प्रभावित हो रही थी जिला पंचायत की आय
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आबकारी दुकानों से मिलने वाले राजस्व को लेकर शासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब सभी दुकानों को लाइसेंस शुल्क के साथ वैभव एवं संपत्ति कर का भुगतान अनिवार्य रूप से करना होगा। इस संबंध में शासन स्तर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव, पंचायती राज विभाग अनिल कुमार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित व्यवसायों पर निर्धारित शुल्क और कर लागू होते हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर आबकारी दुकानों के संचालक लाइसेंस शुल्क और अन्य करों का भुगतान नहीं कर रहे थे, जिससे जिला पंचायतों की आय प्रभावित हो रही थी।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियमों का उल्लंघन है। ऐसे में सभी जनपदों के आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक दुकान से नियमानुसार लाइसेंस शुल्क, वैभव एवं संपत्ति कर की वसूली सुनिश्चित कराई जाए।
साथ ही, प्रत्येक वित्तीय वर्ष में आबकारी दुकानों की नीलामी से प्राप्त धनराशि के साथ संबंधित करों की वसूली भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिला पंचायत और आबकारी विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली दुकानों की नीलामी/आवंटन सूची जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि समय पर कर वसूली हो सके।
ठेकेदारों की मनमानी से घट रही थी आय
जिला पंचायत के कार्य अधिकारी राजकुमार नायक ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से दुकानदार वैभव एवं संपत्ति कर और लाइसेंस शुल्क देने में आनाकानी कर रहे थे। वसूली के लिए बार-बार नोटिस और आरसी जारी करनी पड़ती थी। ठेकेदारों की इस मनमानी से जिला पंचायत की आय प्रभावित हो रही थी। उन्होंने बताया कि इस मामले को शासन स्तर पर उठाया गया था। अब नए आदेश के अनुसार लाइसेंस नवीनीकरण के समय ही शुल्क जमा कराया जाएगा, जिससे आय में बढ़ोतरी होगी।
एक नजर में
देसी शराब की दुकानें : 99
अंग्रेजी व बीयर की दुकानें : 58
मॉडल शॉप : 5
शासन के इस कदम से जिला पंचायत की आय में बढ़ोतरी होगी। इससे विकास और अन्य रचनात्मक कार्यों को गति मिलेगी। - विनोद कुमार, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत