फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान, मजदूर हताश होकर आत्महत्या कर रहे:लल्लू

विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में पीड़ितों के परिजनों से मिलते कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू - फोटो : LALITPUR
विज्ञापन
ललितपुर। कांग्रेस के प्रदेशअध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने किसान, मजदूरों की आत्महत्या के मामले में केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार आंकड़ेबाजी के भरोसे बैठी है, जबकि किसान, मजदूर कर्ज के बोझ तले दबकर निराश, हताश होकर आत्महत्या कर रहे हैं।
विज्ञापन

प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू बुंदेलखंड दौरे के दूसरे दिन ललितपुर पहुंचे। यहां उन्होंने आत्महत्या कर चुके किसानों के घर पहुंचकर दुखी परिवारों को ढांढस बंधाया। वह किसानों की दयनीय हालत देखकर द्रवित हो गए। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों और गरीबों के लिए अभिशाप बन चुकी है। वर्तमान में किसान कराह रहा है। बुंदेलखंड का शायद कोई ऐसा जिला होगा, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी जान नहीं दी हो। उप्र का अन्नदाता और जीवनदाता किसान खुद की जिंदगी गंवाने को मजबूर है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ग्राम जाखलौन पहुंचे। यहां विगत दिनों फसल बर्बाद होने पर किसान हरदयाल कुशवाहा की हार्ट अटैक में मृत्यु हो गई थी। हरदयाल कुशवाहा ने साहूकार से दो लाख रुपये कर्ज लिया था। इसी ग्राम के टुन्डे प्रजापति ने तीन लाख रुपये केसीसी से लोन लिया था। उसने फसल बर्बादी पर कुएं में कूदकर जान दे दी। तहसील पाली के ग्राम बन्ट के छोटे लाल ने उड़द की फसल बर्बाद होने पर साहूकारों द्वारा 3 लाख रूपये कर्ज वापस लेने का दबाव बनाने पर आत्महत्या कर ली। ग्राम बमौरी सर तहसील तालबेहट के भग्गू राजपूत ने केसीसी का डेढ़ लाख रूपये कर्ज के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्राम व पोस्ट पाली तहसील पाली के जगन्नाथ माते ने 17 जुलाई को मूंगफली, उड़द की फसल बर्बादी और डेढ़ लाख रूपये कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली। ग्राम सतरवांस तहसील ललितपुर के मोहन पुत्र रामदीन ने बैंक के कर्ज की अदायगी के लिए दबंगों द्वारा धमकी दिये जाने से पीड़ित होकर मौत को गले लगा लिया। इसी प्रकार ग्राम पटऊआ तहसील पाली के करतार सिंह ने अपनी बेटी की शादी के लिए बैंक से 7 लाख का कर्ज लिया था साहूकारों से 3 लाख का कर्ज लिया था, जिसे लेकर काफी परेशान थे कर्ज वापसी न कर पाने की स्थिति में आत्महत्या का प्रयास किया। इसी प्रकार भग्गू पुत्र चन्दन ग्राम बमौरी सर के ही कर्ज के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस तरह बुंदेलखंड के गांवों में आत्महत्याओं का दौर थम नहीं रहा है। पीड़ित परिजनों द्वारा किसानों की बर्बादी का हाल जानने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
नहीं मिल रही सरकारी सहायता
प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि किसान लगातार कर्ज और फसल की बर्बादी से अपनी जान गंवा रहे हैं और सरकार की तरफ से कोई भी सरकारी सहायता नहीं दी जा रही है और न ही मौके पर कोई सरकारी अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं। पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। कई पीड़ितों ने बताया है कि बुंदेलखंड में निजी नलकूप लगाने पर सरकार 65 हजार का अनुदान देती थी लेकिन बीते एक वर्ष से किसानों को एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिला है।
विज्ञापन

बुंदेलखंड के लोग पलायन को विवश
पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने आरोप लगाया कि कि बुंदेलखंड में बढ़ती आत्महत्याओं के लिए केन्द्र और प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। राहुल गांधी की पहल पर बुंदेलखंड में यूपीए सरकार द्वारा विशेष पैकेज दिया गया था। जगह-जगह मंडियां बनी थीं व फसलों की खरीद हुई थी। पानी के लिए कई तरह की योजनाएं भी फलीभूत हुई थी लेकिन आज पूरा बुंदेलखंड पलायन और पानी की अनुपलब्धता से किसान टूट चुका है। इस मौके पर किसान कांग्रेस के चेयरमैन शिव नारायण परिहार, प्रदेश महासचिव राहुल राय, प्रदेश सचिव राहुल रिछारिया, जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत, हरीबाबू शर्मा, मोंटी शुक्ला आदि कांग्रेसजन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें