ललितपुर। जिले के विकास का जिम्मा उठाने वाला विकास भवन धन की कमी से जूझ रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विकास भवन में लगे अग्निशमन यंत्र का पाउडर कालातीत होने के बाद भी बदला नहीं गया। यही नहीं, समाधान केंद्र में लगा टेलीफोन बिल भुगतान के अभाव में शोपीस बनकर रह गया है।
एक ओर जहां विकास परक योजनाओं को लाखों रुपए का बजट दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विकास भवन की व्यवस्थाएं धनराशि के अभाव में गड़बड़ा रही हैं।
विकास भवन को अग्निकांड से बचाने के लिए करीब एक दर्जन अग्निशमन यंत्र लगे हैं, जिनका पाउडर दिसंबर माह में कालातीत हो गया है, इसके बावजूद भी पाउडर नहीं बदला जा रहा है। इस कारण अग्निशमन यंत्र शोपीस बनकर रह गए हैं।
वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने आम जन मानस की शिकायतों को त्वरित तरीके से निपटाने के मकसद से समाधान केंद्र स्थापित किया था, जो अब धनराशि की कमी से जूझता दिखाई दे रहा है।
लगभग दो महीने से टेलीफोन नंबर 05176-272022 बिल भुगतान के अभाव में बंद हो गया है। इसके अतिरिक्त सूचनाएं तैयार करने को कागज की भी समस्या उत्पन्न हो गई है। ऐसी स्थिति में अन्य विभागों से कागज की व्यवस्था की जा रही है।
समाधान केंद्र का टेलीफोन कनेक्शन कटा है। कन्टेजेंसी के अभाव में बिल भुगतान नहीं हो पा रहा है। अग्नि शमन यंत्र के लिए बजट की समस्या बनी हुई है। बजट आने से अग्निशमन यंत्रों को रिफिल करा दिया जाएगा।
- देवेंद्र प्रताप
जिला विकास अधिकारी, ललितपुर।