संवाद न्यूज एजेंसी
महरौनी-सिलावन। शनिवार दोपहर में करीब एक बजे सिलावन गांव के खेतों में लगी आग हवा के चलते जरया गांव होती हुई सड़क किनारे समोगर तक पहुंच गई। इस भीषण अग्निकांड से करीब आठ किलोमीटर तक खेतों में रखा लाखों का भूसा जलकर राख हो गया। वहीं, सड़क किनारे दर्जनों पेड़ भी झुलस गए। आग की लपटों व धुएं के चलते ललितपुर-महरौनी मार्ग पर चार घंटे यातायात ठप रहा।
सिलावन गांव में नदी किनारे खेतों में खड़े फसल के अवशेष में अचानक आग लग गई। हवा के चलते आग ने विकराल रूप ले लिया। एक के बाद एक खेत में आग लगती चली गई। यह आग जरया गांव के खेतों में होती हुई समोगर गांव के खेतों से सड़क किनारे तक पहुंच गई। इस बीच दर्जनों किसानों का भूसा जलकर राख होने के साथ समोगर गांव किनारे लगे दो दर्जन से अधिक पेड़ धू-धूकर जल गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेड़ जलने से जमींदोज हो रहे हैं। पेड़ों से उठ रही लपटों और धुएं के चलते ललितपुर-महरौनी मार्ग पर यातायात करीब चार घंटे तक ठप रहा। महरौनी पुलिस ने सबसे पहले सड़क से आने-जाने वाले वाहनों को रोका। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। समोगर के ग्रामीणों ने भी डीजल इंजन चलाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग नियंत्रण में आई। करीब पांच बजे से दोपहिया वाहनों को निकलने की अनुमति दी गई। वहीं, जले हुए पेड़ गिर न जाएं, इस कारण देर शाम तक भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। एडीएम, एएसपी, एसडीएम महरौनी, तहसीलदार महरौनी सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। राजस्व कर्मी आग से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटे थे।
गांव वालों की सूझबूझ से बस्ती में फैलने से बची आग
समोगर गांव में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। यहां पेड़ों में आग लगने के बाद बस्ती की ओर आग बढ़ने लगी। गांव वालों ने सूझबूझ दिखाते हुए सबसे पहले ट्रैक्टरों से खेतों की जुताई करना शुरू कर दी। जिन किसानों के पास डीजल इंजन थे, उन्होंने इंजन चलाकर आग पर पानी डालना शुरू किया। इससे आग बस्ती तक नहीं पहुंच सकी। अगर ग्रामीण सूझबूझ नहीं दिखाते तो काफी नुकसान हो सकता था।
-इन किसानों का हुआ नुकसान
समोगर निवासी किसान केदार सिंह ने बताया कि 30 पाइप और लगभग तीन लाख का भूसा जलकर नष्ट हो गया। माधव सिंह यादव का भूसा, ध्यानी कुशवाहा का भूसा, प्रवीण बड़ौनियां के महुआ व आम के कई पेड़ जलकर नष्ट हो गए। अन्य किसानों का भी नुकसान हुआ है।
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कभी भी धराशायी हो सकते हैं सड़क किनारे के पेड़
सड़क किनारे खड़े पेड़ों में आग लगने से उनको काफी नुकसान हुआ है। स्थिति यह है कि कई पेड़ तो गिर गए और कई पेड़ कभी भी धराशायी हो सकते हैं।
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वर्जन
फिलहाल आग बुझाना प्राथमिकता है, इसके बाद नुकसान का आकलन कराया जाएगा।-राजबहादुर, उपजिलाधिकारी महरौनी।