फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सार्वजनिक स्थान पर थूकने से हो सकता है कोरोना

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर थूकना प्रतिबंधित किया गया है। जिसके चलते ऐसे स्थानों पर थूकने वालों और बिना मास्क के व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

देश में फैली महामारी नोवल कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। रविवार को प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से परहेज करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकना स्वास्थ्य और स्वच्छता पर गंभीर चुनौती है। थूक पर नियंत्रण रखने से कोरोना वायरस का संक्रमण होनेे का दायरा भी सीमित हो सकेगा। अब सार्वजनिक स्थानों पर थूकना अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि कुछ लोग इस बारे में बेपरवाह हैं। जगह कोई भी हो, मन करने पर थूक देते हैं। कोरोना संकट से बचना है, तो लोगों को अपनी आदत बदलनी होगी। कहीं भी थूक देने की आदत सी बन गई है। यह न सिर्फ किसी एक, बल्कि पूरे समाज की सेहत से जुड़ा मामला है। ऐसे प्रयासों से समाज को बीमार होने से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन

जिला संक्रामक रोग अधिकारी डॉ. राजेश भारती ने बताया कि कोई भी व्यक्ति तभी संक्रमित होता है, जब वायरस मुंह, नाक व आंख के जरिये उसके शरीर में प्रवेश करता है। हाथ, अंगुलियों पर एक बार में लाखों वायरस हो सकते हैं। ऐसे में जरा सी गलती से वायरस मुंह में जा सकता है। इसलिए हाथ धोने की आदत बनाए रखें। न केवल कोरोना काल में बल्कि इस आदत से आप बाद में भी कई अन्य बीमारियों से बच सकते हैं।
थूकना दंडनीय अपराध
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गाइड लाइन जारी करके बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकना आपदा प्रबंधन के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। लगातार सरकार व सामाजिक संस्थाओं द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर न थूकने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें