ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि नौ अप्रैल मंगलवार से नव संवत्सर 2081 एवं बसंत नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। बसंत नवरात्र का भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक, भौतिक एवं वैज्ञानिक दृष्टि से बहुत महत्व है।
मंगलवार प्रातः 8:15 से 10 बजे के मध्य कलश स्थापना एवं ध्वजारोहण कर पूजा प्रारंभ करने का मुहूर्त है। पूर्वाह्न 11:35 से मध्याह्न 12:24 बजे तक पुनः कलश स्थापना व ध्वजारोहण का मुहूर्त है। जो श्रद्धालु सायंकाल पूजा प्रारंभ करना चाहते हैं, उनके लिए सायं 3:30 बजे से 5:30 बजे तक कलश स्थापना एवं ध्वजारोहण का मुहूर्त है। जो अपने घरों में घटों में जवारे बोकर आराधना करते हैं, ऐसे साधक सायं 3:30 बजे से रात्रि 9 बजे तक घट स्थापित करें।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष दुर्गा पूजा के जो विशेष मुहूर्त हैं, उनमें 13 अप्रैल शनिवार को पंचमी की तिथि पर स्कंदमाता की विशेष पूजा, 16 अप्रैल को दुर्गा अष्टमी को महागौरी की भौमपुष्य नक्षत्र विशेष पूजा एवं 17 अप्रैल को सिद्धिदात्री दुर्गा की पूजा के साथ ही नवरात्र के समापन का हवन एवं पूर्णाहुति होगी। 9 दिन का व्रत रखने वाले श्रद्धालु 18 अप्रैल गुरुवार की प्रातः 7 बजे के पश्चात परायण करें। ब्यूरो