ललितपुर। रविवार को मोहल्ला नेहरू नगर में शिव मंदिर के निकट श्रीमद्भागवत कथा में रुक्मिणी विवाह के प्रसंग का वर्णन किया गया। कथा वाचक पंडित अरविंद व्यास ने कहा कि मनुष्य गृहस्थी के कार्य में इतना उलझ गया है कि वह भगवान के लिए समय ही नहीं निकाल पा रहा है। मनुष्य ईश्वर से दूर होता जा रहा है। धर्म से विमुख रहकर कोई भी व्यक्ति सुखमय जीवन व्यतीत नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि गीता में अर्जुन को ज्ञान देते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने कहा था कि एक दिन सबका अंत होना है। इसलिए हमें पछताना नहीं चाहिए। ईश्वर से सच्चे मन से जो भी मांगो, हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कथा में श्रद्धालुओं ने भजनों पर जमकर नृत्य किया और भगवान के स्वरूपों की झांकी सजाई। सोमवार को श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन शाम को हवन पूजन के साथ भंडारा हाेगा। इस दौरान बाबूलाल यादव, कुसुम देवी, कुंवर सिंह, राजश्री आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद