फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा प्रत्याशी के नामांकन नहीं भरने पर जिलाध्यक्ष पर गिरी गाज

विज्ञापन
विज्ञापन
सपा प्रत्याशी के नामांकन नहीं भरने पर जिलाध्यक्ष पर गिरी गाज
विज्ञापन

ललितपुर। सपा की गुटबंदी ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में डाल दी है। पार्टी के पांच सदस्य जीतने के बाद भी घोषित प्रत्याशी शनिवार को अपना नामांकन नहीं करा सकी। नतीजतन भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया। इससे नाराज होकर पार्टी हाईकमान ने देर शाम जिलाध्यक्ष को पदमुक्त कर दिया। इससे पार्टी में खलबली मच गई है। संभावना है कि कुछ और लोगों पर भी गाज गिर सकती है। हालांकि, इस बाबत पार्टी के जिलाध्यक्ष ने बर्खास्तगी को लेकर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।
समाजवादी पार्टी की अंदरूनी कलह पंचायत चुनाव में सतह पर आ गई है। आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी की घोषणा होने के बाद भी जिलाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी चुनाव में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे। इसी का नतीजा रहा कि पार्टी के पांच जिला पंचायत सदस्य जीतने के बाद भी अधिकृत प्रत्याशी का नामांकन जमा नहीं करा पाए। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। बताया जाता है कि पार्टी की अंदरूनी फूट का नतीजा रहा कि शनिवार को एक ओर जहां नामांकन चल रहा था तो दूसरी ओर सपा प्रत्याशी अतल देवी के पुत्र राजेश यादव के कॉलेज में राजस्व विभाग की टीम जेसीबी सहित पहुंच गई। इसकी जानकारी होने के बाद भी पार्टी के किसी नेता ने वहां जाना मुनासिब नहीं पहुुंचा। इतना ही नहीं, राजेश यादव भी कॉलेज नहीं पहुंचे।
विज्ञापन

इधर, कलक्ट्रेट में पार्टी प्रत्याशी सहित अन्य सदस्यों का न रहना भी कहीं न कहीं इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। पूरे मामले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचा तो वह खफा हो गए। देर शाम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने प्रदेश के 11 जिलाध्यक्षों को पदमुक्त करते हुए सूची जारी कर दी। इसमें ललितपुर के जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं। पार्टी हाईकमान की नाराजगी की भनक लगते ही सपाइयों में खलबली मच गई। माना जा रहा है कि इस मामले को लेकर कुछ और पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष को घटनाक्रम से कराया था अवगत, बोले-कलक्ट्रेट में करते रहे प्रस्तावक का इंतजार
सपा प्रत्याशी अतल देवी के पुत्र राजेश यादव ने बताया कि वह लगातार पार्टी के सदस्यों से संपर्क में थे। सुबह दस बजे नामांकन कराने का वादा किया था, लेकिन वह कलक्ट्रेट में दोपहर तीन बजे तक उनका इंतजार करते रहे। अनुमोदक सहित चार सदस्य नहीं आए। सभी ने अपने मोबाइल बंद कर रखे थे। इस कारण वह अपनी मां का नामांकन पत्र दाखिल नहीं करा सके। इसमें पार्टी के कई पदाधिकारियों का सकारात्मक सहयोग नहीं मिला। नामांकन का समय समाप्त होने के बाद उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम से राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अवगत कराया। देर शाम उन जिलों के जिलाध्यक्षों को पदमुक्त कर दिया गया जहां पार्टी प्रत्याशी नामांकन नहीं करा सका।
नामांकन समय सीमा समाप्त होने के बाद लौटी जेसीबी व राजस्व टीम
सपा नेता राजेश यादव के बुढ़वार रोड स्थित रानी लक्ष्मीबाई महाविद्यालय में राजस्व टीम पहुंच गई थी व गेट के बाहर जेसीबी भी खड़ी करा द गई। इसकी भनक लगते ही कॉलेज प्रबंधक में खलबली मच गई। इस संबंध में कोई भी अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुुआ। नामांकन की समयावधि समाप्त होने के बाद बिना किसी कार्रवाई के राजस्व टीम व जेसीबी वापस लौट गई। माना जा रहा है कि सपा प्रत्याशी पर अपरोक्ष्य रूप से सरकारी अमले ने भी दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि देर शाम कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं की गई। कॉलेज प्रबंधक राजेश यादव का कहना है कि उनसे किसी ने कॉलेज की भूमि के संबंध में अभिलेख नहीं मांगे।
बोले जिम्मेदार
रानी लक्ष्मीबाई महाविद्यालय में राजस्व विभाग की टीम किसी के इशारे पर नहीं भेजी गई बल्कि नगर पालिका की ओर से सफाई के लिए भेजने की बात जानकारी में आई है। कॉलेज में कोई भी राजस्व टीम नहीं भेजी गई।
अनिल कुमार मिश्रा, एडीएम
पूरे चुनाव के दौरान प्रशासन का कहीं कोई उन पर दबाव नजर नहीं आया। चुनाव की रणनीति पार्टी के प्रमुख नेताओं से लेकर जिला पंचायत सदस्यों को थी। उनसे घर पहुंचकर व्यक्तिगत संपर्क किया गया। इसके बाद भी कुछ लोगों ने चुनावी रणनीति का भेद भाजपा के रणनीतिकारों को बता दिया। जिस कारण नामांकन पत्र नहीं भरा जा सका।
-राजेश यादव, सपा नेता व प्रत्याशी के पुत्र
लगाए गए आरोप निराधार हैं
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस चुनाव में दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने राज्यसभा सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष तिलक यादव व चंद्रभूषण सिंह बुंदेला से दूरभाष पर संपर्क किया था। इसके बाद भी पार्टी अपना अध्यक्ष नहीं बना पाई। पार्टी प्रत्याशी घोषित होने के बाद क्या चुनावी रणनीति होनी चाहिए थी। इस संबंध में प्रत्याशी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। शनिवार को नामांकन होना था, इस संबंध में भी उनको अवगत नहीं कराया गया। प्रत्याशी की ओर से लगातार दावा किया जा रहा था कि बहुमत साबित करने के लिए 12 सदस्य उनके संपर्क में है। इसमें पांच पार्टी के सदस्य शामिल हैं। अब उनके लगाए गए आरोप निराधार हैं। वह अपना पक्ष पार्टी हाईकमान के समक्ष रखेंगे। पदमुक्त के संबंध में उनको कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन

तिलक यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
----
निकला जुलूस
जिला प्रशासन ने भले ही कैलाश नारायण निरंजन अध्यक्ष के लिए निर्वाचित घोषित नहीं किया है लेकिन उनका विजयी जुलूस निकला। इस दौरान वह वाहन में खड़े होकर लोगों का अभिवादन करते नजर आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें