अन्नदाताओं पर फिर विपदा आ गई है। इंद्रदेव देवता के रूठने से आसमान से
काले बादल गायब हो गए हैं। पानी नहीं बरसने से खेतों में खड़ी फसल पीली
पड़ने लगी है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों में से किसी
को पिछले साल की रबी फसल का तो किसी को खरीफ की खराब हो रही फसल के मुआवजा
का इंतजार है।
मुआवजा से वंचित सतगता गांव
ललितपुर। ब्लाक जखौरा अंतर्गत ग्राम
सतगता के कृषकों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर रबी की खराब फसल का
मुआवजा दिलाने की मांग की। इसमें कहा गया कि शासन ने अतिवृष्टि व ओलावृष्टि
में खराब हुई फसल की राहत राशि बांट दे दी है, लेकिन उनके ग्राम के किसी
भी व्यक्ति को राहत राशि नहीं मिली है। शिकायती पत्र पर मनोहर सिंह, हरपाल
सिंह प्रजापति, अनरथ सिंह, प्रेमलाल, संतोष, धीरज सिंह यादव, राम सिंह
लोधी, प्रेमा, करन, ओमकार, गजराम, तोरन, रूप सिंह, खुशीलाल, नाथूराम,
रामेश्वर, रामसेवक, आशाराम, पूरन, दीपचंद, महताप सिंह, देवी सिंह, करतार,
बाबूलाल आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
पीली पड़ गई उर्द फसल
ललितपुर।
तहसील ललितपुर अंतर्गत ग्राम झरकौन के मजरा हरपुरा के कृषकों ने फसल सूखने
व कीड़े पड़ने का शिकायती पत्र डीएम को दिया है। इसमें कहा गया कि खरीफ
फसल में उर्द, मूंग, मूंगफली व मक्का की फसलें बोई हैं। लेकिन, उर्द की फसल
पीली पड़ने लगी है तथा मूंग, मूंगफली व मक्का में कीड़े लगने लगे हैं।
जिससे भारी नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने जांच कराकर त्वरित कार्रवाई
की मांग की है, जिससे कृषकों को राहत मिल सके। शिकायती पत्र पर शीतल
प्रसाद, निरभान सिंह, हरपाल, रामदयाल, बद्रीप्रसाद, भरत सिंह, शिवराज,
अशोक, राजू, मनोज, शिवराज, मलखान पाल, मोनलाल, रतनलाल, मनोज, राजू आदि के
हस्ताक्षर बने हैं।
नुकसान का नहीं मुआवजा
ललितपुर। तहसील पाली
अंतर्गत ग्राम बछरई के किसानों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर
अतिवृष्टि से बरबाद रबी फसल व पीली पड़ रही उर्द की फसल का मुआवजा दिलाने
की मांग की है। कहा गया कि गत वर्ष रबी फसल अतिवृष्टि से बरबाद हो गई थी।
इसकी राहत राशि पात्रों तक पहुंचाने में लेखपाल उदासीनता बरत रहा है।वहीं,
खरीफ सीजन में उर्द की फसल पीली पड़ गई है। नुकसान का सर्वे कराने की गुहार
लगाई है। शिकायती पत्र पर मलखान सिंह, प्रभान सिंह, खुदाबक्स खत्नान, रहीस
खान, प्रभुदयाल, शंकर सिंह, अतल सिंह, फुलू, रगवीर सिंह, प्रताप पटेल,
सुमरन, रामनारायण, श्यामलाल, मुकेश, कपूरचंद आदि के हस्ताक्षर बने हैं।