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किसी उद्योगपति या नेता को बेटा होता तो अब तक घर पहुंच जाता

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ललितपुर। एक माह पहले पाकिस्तान से रिहा होकर पंजाब के अमृतसर पहुुंचे सोनू सिंह की घर वापसी में विभागीय अड़गेबाजी आड़े आ रही है। जिले के अधिकारियों ने सोनू को लेने के लिये अधिकारी नामित तो कर दिये हैं, लेकिन नामित अधिकारी कब सोनू को लेने अमृतसर जायेंगे? इस पर असमंजस बना हुआ है। इससे लोगों में आक्रोश पनपने लगा है। प्रबुद्घ जनों का कहना है कि यदि सोनूू सिंह किसी उद्योगपति या नेता का बेटा होता तो अब तक घर पहुंच गया होता।
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ललितपुर के मड़ावरा थाना के ग्राम सतवांसा निवासी सोनू सिंह करीब पंद्रह वर्ष पूर्व घर से लापता हो गया था। अब एक साल पहले उसके पाकिस्तान की जेल में बंद होने की जानकारी मिली, जब पाकिस्तान ने भारत सरकार से उसकी नागरिकता के संबंध में जानकारी मांगी। इसके मबाद बीते माह 26 अक्टूबर को वह रिहा होकर पाकिस्तान से पंजाब के अमृतसर में भेज दिया गया और वहां उसकी क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद भी उसे अब तक अपने घर गांव लौटने का इंतजार है, लेकिन लचर प्रशासनिक प्रक्रिया के चलते उसकी घर वापसी नहीं हो पा रही है। परिजनों पर एक-एक पल भारी पड़ रहा है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी एक-दो दिन में प्रक्रिया होने की कहकर परिजनों को मात्र दिलासा भर दे रहे हैं। इस संबंध में जब स्थानीय समाजसेवियों एवं नागरिकों से बात की तो उन्होंने इसे प्रशासन की संवेदनहीनता बताया और आलाधिकारियों ने जल्द से जल्द प्रक्रिया पूूरी करके सोनू सिंह को घर वापस लाने की अपील की है।
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कागजी प्रक्रिया अनावश्यक न उलझाएं
ललितपुर का लाल जब पाकिस्तान से मुक्त हो सकता है तो यहां उसकी घर वापसी में इतना बिलंब किस वजह से हो रहा है, यह समझ से परे है? उसके घर वाले और जिलावासी उसके लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब प्रशासन को चाहिये कि कागजी प्रक्रिया को अनावश्यक न उलझाकर उसके जल्दी घर वापसी के प्रयास तेज किये जायें।
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संतोष शर्मा, संयोजक, इंटैक चैप्टर, ललितपुर
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लापरवाह प्रशासक प्रक्रिया में अपने ही देश में बंदी बना सोनू
प्रशासनिक प्रक्रिया का बहुत ही दुखद पहलू है कि एक व्यक्ति दुश्मन देश से तो स्वदेश वापस आ गया, लेकिन खुद के देश में वह जटिल व लापरवाह प्रशासक प्रक्रिया में बंदी बन कर रह गया है। प्रशासन को चाहिये कि जहां भी कमी रह गयी हो, वह शीघ्र पूरी करके सोनू सिंह को अमृतसर प्रशासन से अपनी सुपुर्दगी में लेकर उसके परिजनों से मिलाये।
पुष्पेंद्र सिंह चौहान, अध्यक्ष मानव ऑर्गेनाइजेशन।
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सोनू सिंह की वापसी को कुंभकर्णीय नींद से जागे प्रशासन
जिला प्रशासन को कुंभकर्णीय नींद से जागकर अपने स्तर पर जिला जल्द से जल्द हो सके, जिले के बच्चे की वापसी के प्रयास करना चाहिये। यदि प्रशासन स्तर पर लापरवाही हो तो मुख्यमंत्री और पीएमओ को इससे अवगत कराना चाहिये। यदि किसी उद्योगपति या नेता का बेटा होता तो क्या प्रशासन अभी तक सोता रहता? प्रशासन को सोनू सिंह की वापसी को जरूरी प्रक्रिया तत्परता के साथ पूरी करना चाहिये।
श्रीप्रकाश चौबे, अध्यक्ष, जिला बार एसोसियेशन।
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संवेदनाएं भूल चुका प्रशासन, कागजी प्रक्रिया मेें बिलंब होना भी लापरवाही
पाकिस्तान की जेलों में यातनाएं सहने वाला सोनू सिंह अपने देश के प्रति वफादार रहा और रूपये पैसों की मांग को भी ठुकरा दिया। अब जब वह अपने देश में तो वापस लौट आया, लेकिन संवेदनाएं भूल चुका प्रशासन और प्रशासन की लापरवाह कागजी प्रक्रिया के चलते उसके घर लौटने में अभी वक्त लग रहा है। प्रशासन को मानवता के तहत जल्द सोनू को वापस लाना चाहिये।
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-बाबू लाल तिवारी, पूर्व पार्षद।
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