ललितपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षकों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान सदस्यता अभियान को गति देने पर बल दिया गया। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में सोशल मीडिया पर आंदोलन छेड़ने के लिए कहा।
नगर क्षेत्र में पिछली कार्रवाई को पढ़कर सुनाया गया। इसके उपरांत एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षा अधिकरण विधेयक 2021 को वापस लेने प्रधानाध्यापक के पदों की बहाली, विद्यालयों का संविलयन समाप्त करने, वर्ष 2014 से समाप्त किए गए सामूहिक बीमा को बहाल करते हुए बीमा की राशि को 10 लाख रुपये करने, अनुदेशकों, शिक्षा मित्रों को नियमित करने, रसोइया मानदेय 10000 रुपये प्रतिमाह करने, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को शिक्षक के पद पर नियुक्त करने आदि 22 सूत्री मांगों पर चर्चा की गई।
बैठक में सरकार द्वारा लगातार तीसरी बार एस्मा थोपकर शिक्षक-कर्मचारियों की आवाज को दबाने के कृत्य की घोर भर्त्सना की गई। जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने कहा कि सरकार हमारी आवाज को दबा नहीं सकती। बैठक में अर्चना तिवारी, रक्षपाल सिंह बुंदेला, सुनील कौशिक, केके पाठक, अशोक श्रीवास, लक्ष्मी निगम, आलोक गुप्ता, राकेश शुक्ला, रमेश झां, वंदना ताम्रकार आदि उपस्थित रहे। संचालन जिला मंत्री अरुण गोस्वामी ने किया।