मड़ावरा/ललितपुर। बिजली विभाग की सौभाग्य योजना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को रोशन नहीं कर पाई है। आज भी कई गांवों के लोग बिजली जलने का इंतजार कर रहे हैं। कहीं ट्रांसफार्मर महीनों से खराब पड़े हैं, तो कहीं बंच केबल टूटी पड़ी है। लापरवाही का आलम यह है कि आदिवासी बहुल ग्राम कुर्रट व रनगांव में ट्रांसफार्मर खराब होने के एक वर्ष बाद में नहीं बदला जा सका है। ग्राम हंसेरा में बंच केबल कई दिनों से खराब है। ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन इस ओर किसी को ध्यान देने की फुरसत नहीं है।
शासन की सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क बिजली कनेक्शन देने के साथ ही विद्युतीकरण का कार्य कराया गया। इसके तहत जहां विद्युत लाइन नहीं थी और वहां यदि लोग कनेक्शन लेने के इच्छुक थे, तो वहां तक सौभाग्य योजना के अंतर्गत खंभे, ट्रांसफार्मर व लाइन बिछाकर विद्युतीकरण कराया गया। बिजली विभाग ने कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से विद्युतीकरण करा दिया। ट्रांसफार्मर और लाइन बदलने का जिम्मा कार्यदायी संस्था का ही था, इसके तहत कई गांवों में ट्रांसफार्मर तो लगाए गए, लेकिन वह अधिक समय तक नहीं चल सके और खराब हो गए। शिकायत मिलने पर कार्यदायी संस्था द्वारा खराब ट्रांसफार्मर उतार लिए गए, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी बदलकर ट्रांसफार्मर नहीं रखे गए। इसका नतीजा यह निकला कि उन गांवों में सौभाग्य योजना से कार्य होने बाद भी बिजली नहीं जल रही है।
खराब ट्रांसफार्मर बदलना भूल गई कार्यदायी संस्था
मड़ावरा ब्लॉक के ग्राम कुर्रट में 25 केवीए, ग्राम दारुतला में 65 केवीए, परसाटा में 25 केवीए, गोराकलां में 25 केवीए और सेमराखेरा में 16 केवीए के ट्रांसफार्मर महीनों से खराब पड़े हुए हैं। ग्राम रनगांव में हंसरा रोड पर रखा ट्रांसफार्मर कई महीनों से खराब पड़ा है। इसी प्रकार मड़ावरा में महरौनी रोड पर रखा 10 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर काफी पहले किसी वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसे बदला नहीं जा सका है। ग्राम जैतपुरा, रमगढ़ा, छितरापुर, गिदवाहा, खैरपुरा, हनुमतगढ़, कारीटोरन, गंगचारी, मानिकपुर आदि में भी ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। ट्रांसफार्मर सौभाग्य योजना के तहत लगाए तो गए, लेकिन खराब होने के बाद कार्यदायी संस्था बदलना भूल गई। इसका खामियाजा ग्रामीण उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है। वहीं, ग्राम हंसरा में डाली गई बंच केबल आए दिन टूटकर गिर जाती है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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गांव में कई महीनों से ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है। सौभाग्य योजना में बिजली लाइन बिछा दी और कनेक्शन भी दे दिए गए, लेकिन अब ट्रांसफार्मर कई महीनों से खराब होने के बाद भी नहीं बदला गया है।
-हनमत सिंह सेमराखेड़ा।
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गांव में आदिवासी मोहल्ले में एक वर्ष पहले ट्रांसफार्मर खराब हो गया था, जिसे नहीं सुधरवाया गया है। इसकी वजह से जैसे बिजली कनेक्शन से पहले लोग रहते थे, आज भी वैसे ही रहना पड़ रहा है।
- भगत यादव, कुर्रट।
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जहां पर भी ट्रांसफार्मर खराब हैं, वहां सर्वे कराकर कंपनी के माध्यम से शीघ्र बदलवाए जाएंगे। अधिकांश क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर बदलवा दिए गए हैं।
- पीआर सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत।