ललितपुर। किसान को सांप के डसने पर परिजन उसे लेकर झाड़फूंक कराने पहुंचे। पांच घंटे बाद जब हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो वह अचेत हो गया। इसके बाद परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बह़ुत देर हो चुकी थी। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना नाराहट निवासी जगदीश (51) सोमवार की शाम को उड़द की फसल देखने के लिए खेत पर गया था। शाम को करीब पांच बजे वह घर लौटा और परिजनों को सांप के डसने की बात बताई। इस पर परिजन उसे तत्काल गांव में ही झाड़फूंक के लिए ले गए, जहां उन्हाेंने शुरुआती महत्वपूर्ण चार से पांच घंटे झाड़फूंक के चक्कर में बर्बाद कर दिए। इससे उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि हालत हर पल और बिगड़ती गई। इसके बाद रात में साढ़े दस के बाद जब वह अचेत हो गया। सर्पदंश के करीब सात घंटे बाद देर रात 12 बजे परिजन उसे बेसुध हालत में मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और यहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस पर परिजन झाड़फूंक कराने के फैसले पर खूब पछताएं और खुद को कोसते नजर भी आए। मृतक के भाई रामसेवक ने बताया कि उसके भाई जगदीश खेती करते थे और मृतक की छह बेटियां और एक बेटा है। उसके पास करीब डेढ़ एकड़ जमीन है, जिस पर वह खेती करता था।