ललितपुर। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों की बैठक में छोटे दुकानदारों को संपत्ति एवं विभव कर से राहत मिलने पर प्रसन्नता जाहिर की। वक्ताओं ने कहा कि बीस हजार रुपये की वार्षिक आमदनी पाने वाले दुकानदारों से टैक्स की वसूली अव्यवहारिक थी। संगठन इसकी लड़ाई लंबे समय से लड़ रहा था। आखिरकार उन्हें इसमें जीत मिली।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र जैन मयूर ने कहा कि जिला पंचायत द्वारा 20000 तक की आमदनी पर 3 प्रतिशत संपत्ति एवं विभव कर की वसूली की जा रही थी, जिसे अब बढ़ाकर तीन लाख ऊपर के व्यापार पर कर लगा दिया गया है, इससे छोटे व्यवसायी को लाभ मिला। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी योगेश शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त किया। जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि व्यापार मंडल संपत्ति एवं वैभव कर की लड़ाई को विगत 20 वर्षों से लड़ रहा है। व्यापार समिति की बैठक, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के समक्ष इसे उठाया गया। व्यापार मंडल के नेताओं के विरोध में विरुद्ध जिला पंचायत द्वारा मुकदमा लिखाने का प्रयास किया गया। यह व्यापार मंडल व व्यापारी समाज की बड़ी जीत है। बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि नगर पालिका परिषद द्वारा जो नगर की जनता के ऊपर कचरा अपशिष्ट कर, स्वकर प्रणाली एवं दुकानों के स्थानांतरण के नाम गलत निर्णय लिए गए हैं, उसके खिलाफ 21 सितंबर के बाद आंदोलन की रुपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक नवीन सिंघई, लखन अग्रवाल, अशोक अनौरा, महेंद्र सतभैया, डा. प्रीतम सराफ, अनिल अंचल, अभय जैन, आनंद जैन, जिनेंद्र पंसारी, सुरेंद्र अनौरा, विजय, मुन्ना लाल जैन, मनोज जैन, जगदीश प्रसाद, संदीप सर्राफ, महेेश सतभैया, पंकज जैन बिरधा आदि उपस्थित रहे। संचालन अभय जैन एडवोकेट ने किया।