ललितपुर। जिले में पंचायत चुनाव की बयार बहने लगने लगी है। राजनीतिक दल चुनाव में कामयाबी पाने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं, जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के परिसीमन की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में ग्राम सिवनीखुर्द नई ग्राम पंचायत का गठन प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस ग्राम पंचायत के गठन के बाद भी जनपद में ग्राम पंचायतों की संख्या में बदलाव नहीं होगा।
त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने की ओर है। इसके मद्देनजर ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन/ परिसीमन की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इसके तहत प्राप्त प्रस्तावों को शासनादेशानुसार गठित समिति द्वारा निस्तारण किया जाना है। ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन /परिसीमन प्रस्ताव के अनंतिम प्रकाशन के लिए विकासखंड एवं जनपदस्तर पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने के लिए समय सारिणी निर्धारित कर दी गई है।
उधर, जिले में गठित 415 ग्राम पंचायतों में से ललितपुर ग्रामीण पंचायत का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। इस ग्राम पंचायत का बड़ा हिस्सा नगर पालिका परिषद ललितपुर के परिसीमन में नगर में आ गया है। नगर पालिका में शामिल ललितपुर ग्रामीण पंचायत का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। अब तक यह ग्राम पंचायत नगर पालिका परिषद में शामिल थी, इस वजह से यहां पर शहरी क्षेत्र की सुविधाएं नहीं थीं। लेकिन, अस्तित्व समाप्त होने के बाद इस क्षेत्र का विकास होगा और नई ग्राम पंचायत सिवनीखुर्द बनाई जाएगी। इस ग्राम पंचायत की आबादी 917 है एवं नौ वार्ड प्रस्तावित किए गए हैं। इस ग्राम पंचायत के गठित होने के बाद भी जिले में 415 ग्राम पंचायतें ही रहेंगी।
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ये है कार्यक्रम
ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) की प्रस्तावित सूची की तैयारी व उसका प्रकाशन होगा। प्रस्तावित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों पर आपत्तियां 22 से 26 दिसंबर तक ली जाएंगी। 27 दिसंबर से 02 जनवरी 2021 तक प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।
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ग्राम पंचायतों के परिसीमन का कार्यक्रम तय हो गया है। इसमें ग्राम सिवनीखुर्द नवीन ग्राम पंचायत प्रस्तावित की गई है। अन्य कोई नवीन ग्राम पंचायत के गठन का प्रस्ताव नहीं है। इस तरह जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या 415 ही रहेगी।
- डा. अवधेश सिंह
जिला पंचायत राज अधिकारी