संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर (सिलावन)। साहब, हमने मनरेगा में कभी काम की मांग नहीं की, बावजूद इसके उनके नाम से बाकायदा जॉबकार्ड पर मजदूरी अंकित कर बैंक से धनराशि निकाल ली गई। ये आरोप विकासखंड महरौनी अंतर्गत ग्राम पंचायत जरया के दो भाइयों ने खंड विकास अधिकारी को दिए शपथ पत्र में लगाए हैं।
ग्राम पंचायत जरया निवासी हरिकिशन ने खंड विकास अधिकारी को दिए शपथ पत्र में बताया कि उसने न तो आज तक जॉबकार्ड देखा, न ही मनरेगा में कभी काम की मांग की। फिर भी वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में काम की फर्जी डिमांड लगा कर बैंक खाते से धनराशि निकाली जा रही थी। यहां तक कि बैंक में खाता भी उन्होंने नहीं खुलवाया। मजदूरी चढ़ने व धनराशि निकलने की जानकारी वर्ष 2022 में तब हुई, जब उसने एमआईएस फीडिंग पर अपने नाम का जॉबकार्ड देखा। उसे विभाग द्वारा 001373 जॉबकार्ड जारी किया गया है। उसमें दर्ज काम की डिमांड व काम देखकर उसके होश उड़ गए। जॉबकार्ड में मेड़बंदी, पौधरोपण, गूल सफाई, संपर्क मार्ग निर्माण, नाला सफाई, चेकडैम मरम्मत आदि का काम दिखाया गया है। उक्त कार्यों पर उनके नाम से मस्टर रोल निकाल कर धनराशि बैंक खाते में डाली गई और उसे बिना उनकी जानकारी के निकाल कर बंदरबांट कर ली गई।
ऐसे ही उसके भाई तुलसी ने दिए शपथ पत्र में बताया कि उक्त जॉबकार्ड में उसका नाम जोड़कर भाई हरिकिशन की पत्नी बता फर्जी डिमांड लगाकर मनरेगा की धनराशि हड़पी जा रही है। दोनों ने बताया कि एक वर्ष से लगातार इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा रही है, किंतु ग्राम प्रधान के प्रभाव के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-वर्जन
मामले की जांच कराकर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-संदीप मिश्रा, खंड विकास अधिकारी-महरौनी
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