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एसआईआर : घर-घर पहुंचे बीएलओ, भरवाए प्रपत्र

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खुले रहे स्कूल, फार्म भरन में की लोगों की मदद
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जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य जारी, नियमों की दी जा रही जानकारी

164000 गणना प्रपत्र को ऑनलाइन फीड कर दिया गया

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र भरवाने के कार्य ने रविवार को जोर पकड़ ली है। अवकाश होने के बावजूद जनपद के सभी परिषदीय विद्यालय खुले रहे। यहां तैनात शिक्षक, शिक्षिकाएं, शिक्षामित्र, अनुदेशक सहित अन्य स्टाफ गणना प्रपत्र भरवाने में लोगों की मदद करते रहे। बीएलओ ने भी घर-घर जाकर फार्म भरवाए। उधर, गणना प्रपत्रों की ऑनलाइन फीडिंग भी जारी है। अब तक 164000 प्रपत्रों को फीड किया जा चुका है।
मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए शुरू किए गए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में जनपद में एक हजार से अधिक बीएलओ तैनात किए गए हैं। इनमें शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हैं। बीएलओ ने जिले में प्रपत्रों को घर-घर भिजवाने का काम किया है। अब वे घर-घर जाकर फार्म एकत्र कर रहे हैं। जहां समस्याएं आ रही हैं उनको वही पर सुलझा रहे हैं। जिलाधिकारी सत्यप्रकाश भी लगातार निगरानी रहे हैं।
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जो जहां मिला, वहीं भर दिया फार्म

रविवार को एसआईआर फार्म भरवाने के लिए बीएलओ शहर से लेकर गांव तक घर-घर पहुंचे। जो मतदाता जहां मिला, बीएलओ ने उसका फार्म वहीं पर भर दिया। कहीं-कहीं महिलाएं रास्ते में मिलीं तो कोई व्यक्ति खेत पर जाता हुआ रास्ते में मिला बीएलओ ने उन्हें रोका और पूछने के बाद उनके फार्म भर दिए।



समझ नहीं आ रहे कॉलम... बीएलओ से ही भरवा रहे फॉर्म

मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए शुरू किए गए पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं को फार्म वितरित कर दिए गए हैं। फॉर्म में दिए गए कई कॉलम कुछ लोगों की समझ में नहीं आ रहे हैं। ऐसे में बीएलओ ही फार्म के प्रत्येक काॅलम को भरकर लोगों को समझा रहे हैं। विशेष रूप से विवाहित महिलाओं को परेशानी हुई, जिनके पिता का नाम कहीं और दर्ज है।




एक नजर

- 1063 बीएलओ
- 107 सुपरवाइजर

- 1588384 जनसंख्या

- 500411 पुरुष मतदाता

- 458364 महिला मतदाता

- 958795 कुल मतदाता








लोगों में उत्साह

शिक्षक इंद्रपाल सिंह ने बताया कि काम चुनौतीपूर्ण जरूर है लेकिन असंभव नहीं है। थोड़ा समय देना पड़ता है। लोगों के घर-घर जाना पड़ रहा है। वहीं, गणना प्रपत्र को लेकर लोगों में उत्साह भी देखने को मिल रहा है।

घरों में नहीं मिल रहे सहरिया समाज के लोग
ललितपुर। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के तहत गणना प्रपत्र भरने में सबसे ज्यादा परेशानी सहरिया जनजाति के लोगों के साथ आ रही है। कई लोग परिवार सहित अन्य जनपदों में मजदूरी के लिए गए हैं। इनके घरों पर ताला लटका है। ऐसे में इन मतदाताओं के नाम कैसे मतदाता सूची में शामिल किए जाएं, इसे लेकर बीएलओ परेशान हैं।

जिले की ललितपुर और महरौनी विधानसभा में सहरिया की संख्या एक लाख से अधिक है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर जिला प्रशासन ने तहसीलस्तर के कर्मचारियों को इनके फार्म भरवाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि सहरिया जनजाति व ऐसे लोग जो बाहर गए हैं, उनके परिवारों से तहसील के कर्मचारी संपर्क करेंगे। जिन परिवारों का एक भी व्यक्ति घर पर है तो उससे डिटेल भरकर फार्म जमा कर लिया जाएगा। फार्म के साथ किसी तरह का कोई दस्तावेज जमा नहीं करना है। मतदाता के पास जो जानकारी हो, उसे भरकर जमा करें। इसके बाद जिन दस्तावेज की आवश्यकता होगी, उसके लिए तहसील स्तर से नोटिस भेजकर मंगाए जाएंगे।


2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है नाम तो भी बेफिक्र रहें
कई लोग इस बात से चिंतित हैं कि उनका और उनके माता-पिता का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है तो ऐसे में क्या होगा। प्रशासन का कहना है कि ऐसे लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। एसआईआर फार्म भरकर जमा करना है। सूची प्रकाशित होने के बाद ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी होगा। तब उन्हें 12 प्रमाणपत्रों में से कोई एक देना होगा। सूची में नाम बरकरार रहेगा। कोई दिक्कत आती है तो भी प्रशासन के अधिकारी हल निकालेंगे। इसके लिए 1987 से पहले पैदा हुए मतदाता, 1987-2004 के बीच पैदा हुए मतदाता और 2004 के बाद पैदा हुए मतदाताओं की तीन श्रेणियां बनाई गई हैं, जो नागरिकता के नियमों पर आधारित हैं।
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वर्जन

किसी प्रकार कोई भी परेशानी हो तो खंड विकास कार्यालय, तहसील कार्यालय व जिला निर्वाचन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। यहां हेल्प डेस्क तैयार की गई है। अधिक जानकारी के लिए कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1950 पर कॉल कर सकते हैं। - सत्यप्रकाश, जिलाधिकारी
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