संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पहली पत्नी के संतान न होने के कारण पति अपनी दूसरी पत्नी की पुत्री को उठाकर ले गया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दोनों आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया और बच्ची को सकुशल खोज निकाला। नौ दिन बाद अपनी बच्ची को सामने पाकर मां की आंखे झलक उठी। एसपी ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का ईनाम दिया।
9 अप्रैल को जिला अस्पताल में तैनात नर्स पूजा मिश्रा के आवास में घुसकर उसके पति सुशील मिश्रा ने अपनी सास उमलेश रानी के साथ मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करते हुए अपनी छह माह की पुत्री नीति को उठाकर भाग गया था। एसपी ने बच्ची को खोजने के लिए एसओजी, सर्विलांस, साइबर सहित छह टीमें गठित की थी। टीमें मासूम बच्ची को उठाकर ले जाने वाले आरोपी की तलाश में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सहित मोबाइल लोकेशन से खोजने में जुट गई थी। 18 अप्रैल को पुलिस टीमों ने आरोपी सुशील मिश्रा व उसकी पहली पत्नी सुरेखा उर्फ काजल निवासी ग्राम अगई थाना धनपतगंज जिला सुल्तानपुर हाल निवासी सूर्य नगर थाना मानकनगर जनपद लखनऊ को सूर्या गेस्ट हाउस केंट छावनी लखनऊ से पकड़ लिया और मासूम बच्ची नीति को सकुशल बरामद कर लिया। दोनों आरोपियों को जनपद लाया गया। यहां मासूम बच्ची को नौ दिन बाद देखकर उसकी मां पूजा मिश्रा की आंखे झलक उठी और उसने अपनी पुत्री को खूब दुलार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नर्स पूजा मिश्रा को धोखे में रखकर शादी की थी और पुत्री हो जाने के बाद अपनी पहली पत्नी काजल के साथ मिलकर षड़यंत्र रचकर ललितपुर पहुंचकर यहां से अपनी पुत्री नीति मिश्रा को उठाकर ले गया था। यहां विरोध करने पर उसने अपनी सास उमलेश रानी के साथ मारपीट कर मरणासन्न कर दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। एसपी ने मासूम बच्ची को सकुशल खोजने और आरोपियों को गिरफ्तार कर षड़यंत्र का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का ईनाम दिया है।
खर्च चलाने और दहेज अधिक मिल सके, इसलिए षड़यंत्र के तहत की थी नर्स से शादी
आरोपी सुशील मिश्रा ने बताया कि वह आर्मी की तैयारी करता था। चयन न होने से पैसों का लालच था। रुपयों के लिए उसने काजल से पहली शादी की थी। लेकिन उन दोनों को कोई संतान नहीं हुई। वह ऐसी लड़की की तलाश करने लगा, जोकि सरकारी नौकरी करती है और जिससे अधिक दहेज का पैसा मिल सके। साथ में उसका खर्च चलाने को आर्थिक मदद कर सके। रुपयों के लालच में उसने पूजा मिश्रा जोकि सरकारी विभाग ललितपुर में नर्स थी से पहली शादी के बारे में बताए बिना शादी कर ली। दूसरी शादी से उसे एक बच्चा नीति हुई। दूसरी शादी का पता चलने के बाद पूजा से उसका विवाद होने लगा था। इसके बाद उसने अपनी पहली पत्नी के साथ षड़यंत्र रचकर बच्ची को उठाने की साजिश रची थी और 9 अप्रैल को वह उसे उठाकर ले गया था।
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फैक्ट फाइल
- पहली पत्नी को अपनी दूसरी पत्नी के समक्ष दासी बताकर किया था प्रस्तुत।
- ललितपुर से विभिन्न टैक्सियों के जरिए पहुंचा था बबीना, यहां से ट्रेन के जरिए हुआ था फरार।
- पिता के रिटायर्ड फौजी होने का उठाया फायदा, बच्ची को लेकर रुका था आर्मी क्षेत्र में।
- रैकी करने के बाद कोई पहचान न सके तो दूसरी पत्नी के आवास में मास्क लगाकर गया था, लेकिन सास के पहचानने से बिगड़ा था खेल।
- बच्ची को लेकर पहुंचा था अपनी पहली पत्नी के पास।
एसपी ने किया बच्ची को दुलार तो मां बोली थैक्यू सर, डीएम ने भी पुलिस को दी बधाई
अपनी बच्ची से नौ दिन तक दूर रहने वाली नर्स पूजा मिश्रा को जैसे ही पुलिस से जानकारी मिली कि उसकी पुत्री नीति मिश्रा सकुशल मिल गई है। वह खुशी से उछल पड़ी। जब पुलिस टीम लखनऊ से ललितपुर पहुंची तो पूजा वहां पहुंच गई। अपनी पुत्री नीति को गोदी में उठाकर खूब दुलार और लाड़ प्यार सहित माथे सहित उसके पूरे शरीर को चूमा। मां की ममता को देखकर वहां मौजूद पुलिस टीम में शामिल पुलिसकर्मियों की भी आंखे भर आई। वहीं बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में घटना के खुलासे के लिए बुलाई गई पत्रकार वार्ता में एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने मासूम बच्ची को अपनी गोदी में लिया और उसे दुलार करने लगे। एसपी का छोटी बच्ची के प्रति इस प्रकार का प्यार देखकर बच्ची की मां पूजा मिश्रा ने एसपी को थैक्यू सर कहा। इस दौरान वहां पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी पहुंचे तो उन्होंने इस घटना को लेकर जानकारी ली और एसपी सहित पूरी पुलिस टीम को बधाई दी।
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बच्ची को बोतल से पानी पिलाता देख एक फौजी ने दिए थे दूध को पांच सौ रुपये
सुशील जब अपनी छह माह की पुत्री नीति को उठाकर भागा तो एक जगह वह उसे बोतल से पानी पिला रहा था। बच्ची को पानी पिलाता देख एक फौजी ने कारण पूछा तो सुशील ने रुपये न होने की बात कही। तब फौजी ने सुशील को पांच सौ रुपये बच्ची को दूध खरीदने के लिए दिए थे।
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चार से पांच मोबाइल फोन व करीब 25-30 सिमों का करता था प्रयोग
आरोपी सुशील जब पुलिस की पकड़ में आया तो उसके जो भेद पुलिस टीमों के समक्ष खुले तो पुलिस भी चक्कर खाने लगी। सुशील चार से पांच मोबाइल फोन चलाता था। इसके साथ वह 25-30 सिमों का प्रयोग करता था। घटना को कारित करने के बाद आरेापी ने अपने सभी मोबाइल फोन बंद कर लिए थे और अपने पास मौजूद दूसरी सिमों के जरिए अपनी पहली पत्नी सुरेखा उर्फ काजल से बातचीत करता था।
इस टीम को मिली सफलता
बच्ची को सकुशल खोजने और आरोपी पिता सहित उसकी पहली पत्नी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शशिभूषण सिंह, निरीक्षक जर्नादन, एसओजी प्रभारी राहुल राठौर, सर्विलांस प्रभारी कुलदीप राणा, योगेंद्र सिंह, शीलेंद्र सिंह, शिववीर सिंह, भानुप्रताप, स्वदेश, दीपक दुबे, प्रशांत कुमार, रोहित, आमिर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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मासूम छह माह की पुत्री को उठाकर भाग जाने वाले आरेापी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। पहली पत्नी के कोई संतान न होने के चलते आरोपी ने धोखाधड़ी से सरकारी नौकरी करने वाली नर्स से दूसरी शादी की और बच्ची हो जाने के बाद अपनी पहली पत्नी के साथ मिलकर षड़यंत्र रचकर मासूम पुत्री को उठाकर ले गया था। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया। बच्ची को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का ईनाम दिया जाएगा।
मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक