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Lalitpur News: शिवम राठौर की पुरानी धाराएं हटाईं, नई धारा जोड़ी, न्यायालय से मिली जमानत

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- पुत्र के गिरफ्तार होने के बाद पिता ने मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के होटल में की थी आत्महत्या
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बजाज फाइनेंस धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने शिवम राठौर पर लगाई पुरानी गंभीर धाराएं हटा दी हैं और विवेचना में बीएनएस की नई धारा 341 (2) की बढ़ोतरी की गई है। शुक्रवार को न्यायालय ने शिवम की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। अब जल्द ही जेल से बाहर आ सकता है।
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बजाज फाइनेंस धोखाधड़ी के बहुचर्चित मामले में शिवम राठौर पर कोतवाली पुलिस ने फर्जी मुहर बनाने के मामले में उस पर गंभीर धाराओं 61(2), 318 (4), 338, 336 (3) एवं 340 (2) के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए उसे 19 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बेटे के जेल जाने के बाद उसके पिता लक्ष्मीनारायण राठौर ने मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी, जिसके पर परिजनों ने इस मामले में लक्ष्मीनारायण के शव को शहर के इलाइट चौराहा पर रखकर पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में बेटे को पिता के अंतिम संस्कार के लिए दो घंटे की पैरोल पर छोड़ा था और श्मशान घाट पर शिवम ने हथकड़ी लगे हाथों ने पिता को मुखाग्नि भी दी थी। यह मामला तूल पकड़ने पर पुलिस अधीक्षक ने पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित भी कर दिया था और परिजनों को आश्वासन दिया था कि उनके बेटे के साथ न्याय किया जाएगा। अब इस मामले में पुलिस ने शिवम पर लगाई गईं उक्त सभी धाराओं को हटाते हुए नई धारा 341(2) की बढ़ोतरी की गई है। शिवम के अधिवक्ता द्वारा शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि शंकर गुप्ता की अदालत में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई। वहीं इस मामले में विवेचक भी पहुंचे, जिस पर न्यायालय ने जमानत याचिका पर सुनवाई की और विवेचक को पुरानी धाराएं हटाने और नई धारा जोड़ने पर सख्त नाराजगी भी जताई। न्यायाधीश ने इस मामले में गठित एसआईटी की भूमिका पर भी नाराजगी जताई। आरोपी शिवम के अधिवक्ता द्वारा जमानत याचिका में बताया कि शुक्रवार को थाने से आई आख्या और केस डायरी से स्पष्ट है कि शिवम के विरूद्ध पूर्व में लगाई गईं धाराओं को लोप किया गया है, जबकि नई धारा बढ़ाई गई है, जिसमें सात वर्ष तक के कारावास के दंडनीय है। न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी शिवम राठौर को 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र वच समान राशि के दो जमानती प्रस्तुत करने पर जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।
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