संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहजाद बांध की दाईं नहर काे 2.61 करोड़ रुपये से मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे सीपेज, लीकेज के जरिए होने वाली पानी की बर्बादी को रोका जाएगा। जो पानी बचेगा उससे सिंचित क्षेत्र भी बढ़ेगा और किसानों को फायदा होगा। सिंचाई विभाग इसकी निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है।
शहजाद नदी पर निर्मित बांध से 116.60 किलोमीटर दाईं व बाईं नहर निकली है। दाईं नहर 11.600 किलोमीटर लंबी है, इसमें 2.50 किलोमीटर लंबा माइनर है। वहीं, नहर के टेल से 1.4 किलोमीटर की माइनर निकली है। इससे किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। नहर, माइनर व कुलाबे काफी पुराने हो जाने के कारण अब यह जर्जर अवस्था में हैं। नहरों में पानी छोड़े जाने के दौरान लीकेज और सीपेज से काफी पानी बर्बाद हो जाता है। ऐसे में नहर में छोड़ा गया पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता। लेकिन, अब इस समस्या से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। सिंचाई विभाग ने शहजाद बांध से निकली दाईं नहर का आधुनिकीकरण कर इसे मॉडल नहर बनाने की कार्ययोजना तैयार की है। नहर के क्षतिग्रस्त स्थानों को सुधारा जाएगा, पक्के पुल और पुलिया बनाए जाएंगे। 40-40 मीटर की लाइनिंग की जाएगी। क्षतिग्रस्त कुलाबों को सही कराने के साथ कार्ययोजना में शामिल अन्य कार्य कराए जाएंगे।
फैक्ट फाइल
- 116.60 किलोमीटर लंबी दाईं व बाईं नहरें
- 14403 हेक्टेयर सिंचाई की क्षमता
- 321.00 मीटर बांध का पूर्ण जल स्तर
नहर की जमीन पर बाउंड्री-पिलर बनाकर किया जाएगा सीमांकन
शहजाद बांध से निकली दाईं नहर के दोनों ओर मौजूद सिंचाई विभाग की जमीन को सुरक्षित करने और अवैध कब्जा रोकने के लिए यहां पर बाउंड्री वाल व पिलर बनाकर सीमांकन किया जाएगा।
-
शहजाद बांध की दाईं नहर का 2.61 करोड़ रुपये से आधुनिकीकरण कर इसे मॉडल के रूप में बनाया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कराने की तैयारी है। कार्यदायी संस्था नामित हो जाने के बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
इं. नंदराम, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड