लॉकडाउन के कारण लोगों ने शादियों की जो बुकिंग की थी, अब निरस्त हो गई है। मई में भी लोगों को शादी होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। ऐसे में विवाह घर संचालकों को लाखों रुपये का नुकसान है। एक विवाह में औसतन एक सीजन में दस से पंद्रह शादियां होती हैं। इससे उनका साल भर का खर्च निकल आता है और कमाई भी हो जाती है, लेकिन इस बार जनवरी - फरवरी में ही शादियां हो सकी थीं और उसके बाद कारोबार ठप हो गया था। लोगों ने मई में शादियां होने की उम्मीद जताई थी, लेकिन अब उस पर भी पानी फिर गया और अब बुकिंग बंद हो गई है। विवाह घर संचालकों को लग रहा है कि फिलहाल शादियों की कोई उम्मीद नहीं है। शहर में चालीस विवाह घर हैं। यदि जिले में देखें तो सौ से अधिक विवाह घर हैं।