कोविड 19 को लेकर अब डोर टू डोर सत्यापन होगा। आशाएं प्रत्येक घर में जाएंगी और स्क्रीनिंग करेंगी। प्रत्येक आशा को दस परिवारों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया गया है। जिले में 800 आशाएं हैं, जो लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। आशा बहनें डोर टू डोर जाकर प्रत्येक व्यक्ति का टैंप्रेचर चेक करेंगी, यदि टैंपरेचर होगा तो उससे लक्षण पूछेंगी। दवा आदि के बारे में जानकारी करेंगी। यदि कोई व्यक्ति कोरोना संदिग्ध पाया जाता है तो उसकी जांच की जाएगी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। इससे पूरे शहर में जांच हो जाएगी। यह काम थोड़ा कठिन है, लेकिन इससे कोरोना संक्रमण का खतरा पूरी तरह से टल जाएगा। अब तक शहर में हुई जांच में कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया है।