तालबेहट-झरर। ग्राम पंचायत वर्मा बिहार के मजरा वर्मा की सहरिया बस्ती में शनिवार को डायरिया के सात मरीज और मिले। तीन की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज और सीएचसी रेफर कर दिया गया। वहीं, हैंडपंप का हत्था हटाकर पानी का नमूना जांच के लिए भेज दिया गया है। संयुक्त निदेशक समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव पहुंची।
शुक्रवार को ग्राम वर्मा में डायरिया फैलने से एक महिला और एक मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। कई और लोग इस बीमारी की चपेट में आ गए थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को गांव की रामसखी पत्नी भगत, अतल पत्नी संग्राम सिंह, रामकुमार पुत्र सियाराम, गब्बर पुत्र जगन्नाथ, संगीता पत्नी रामकुमार, रमेश पुत्र जगन सहरिया और जानकी पुत्री धर्मेंद्र सिंह को उल्टी-दस्त की समस्या हो गई। हालत गंभीर होने पर रमेश और जानकी को सीएचसी तालबेहट और रमेश को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहीं, उपजिलाधिकारी श्रीराम यादव ने गांव का भ्रमण किया और ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने पानी के हैंडपंप का पानी दूषित होने की समस्या बताई। एसडीएम ने ग्राम प्रधान को टैंकर से शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सुबह करीब 11 बजे संयुक्त निदेशक झांसी मंडल डॉ. आरके सोनी, नोडल अधिकारी डॉ. आरएन सोनी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विशाल पाठक आदि ने सीएचसी में भर्ती मरीजों से जानकारी ली। इसके बाद पूरी टीम गांव पहुंचीं, जहां बीमार मरीजों को दवा बांटी गई। डॉ. सोनी ने बताया कि गांव में डायरिया फैलने का मुख्य कारण दूषित पानी और गंदगी है।
दो मौतों के बाद चला सफाई अभियान
ग्राम वर्मा बिहार में दो लोगों की डायरिया से मौत होने के बाद शनिवार को सफाई अभियान चला। विभागीय अफसरों ने कर्मचारियों को भेजकर गांव भेजकर कई दिनों से लगे गंदगी के ढेरों को हटवाया और साफ-सफाई कराई।