ललितपुर। जिले में सैटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने के सात मामले सामने आए, लेकिन जब कृषि विभाग द्वारा जांच की गई तो पराली नहीं पाई गई। थाना तालबेहट में दो मामलों में खेत में घास व अन्य कचरा जलाने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। केंद्र सरकार द्वारा पराली जलाने की निगरानी की जा रही है। इसमें सैटेलाइट का उपयोग किया जा रहा है। सैटेलाइट आग लगने का छायांकन कर लेता है, इसकी सूचना संबंधित जिले में भेजी जाती है। यह व्यवस्था पराली जलाने की निगरानी के लिए की गई है। इसमें अब तक जिले में सात स्थानों पर पराली जलाने के छायांकन प्राप्त हुए। इसकी कृषि विभाग ने जांच की। जांच में पाया गया कि अधिकांश खेतों पर रहे रहे किसान खाना बनाने के लिए आग जलाते हैं। कुछ सर्दी के कारण अलाव जला रहे हैं। इनमें ग्राम पाचौनी, पटौराकला, तालबेहट व अमरपुर आदि स्थानों की जांच की गई। दो मामले थाना तालबेहट क्षेत्र के आए, जहां पर किसानों द्वारा खेत में घास और कचरा जलाया गया। इसके चलते संबंधित पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
तालबेहट। तालबेहट क्षेत्र के दो लेखपालों ने दो किसान पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। लेखपाल नाथूराम पाल और रामकुमार वर्मा ने ग्राम सभा खांदी निवासी साकूलाल कुशवाहा एवं गोकुल ढीमर के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
सर्दियों में कोई भी व्यक्ति कहीं पर आग जलाकर ताप लेता था, लेकिन अब खेेतों और आसपास आग जलाकर तापना किसानों के लिए मुसीबत बनेगा। कड़ाके की ठंड में किसान आग तापेंगे तो उन्हें पराली जलाने का मुकदमा झेलना पड़ सकता है।