सौजना। सितंबर माह में लगातार हो रही तेज बारिश किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। पानी भरने से फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। गौना, कुशमांड़, चढ़रा, टींकरा उल्दना और वगसपुर सहित दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं। सोयाबीन और उड़द की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कई जगह उड़द और सोयाबीन के फूल तेज हवाओं से झड़ गए हैं। जल निकासी न होने से फसलों की जड़ें सड़ने लगी हैं। पूरे दिन बादल छाए रहने और धूप न निकलने से भी फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है। किसानों के अनुसार, पिछले एक-दो वर्षों से खरीफ की फसलें अतिवृष्टि व अनावृष्टि के कारण खराब हो रही हैं। इससे पैदावार में कमी आने से किसान चिंतित हैं। किसानों ने प्रशासन से जलभराव वाले खेतों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। संवाद