कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत राजघाट बांध के दस गेट खोलकर रविवार को पानी छोड़ा जा रहा था। गेटों के आगे चंदेरी मार्ग पर बेेतवा नदी के पुल पर गांव राजघाट निवासी संजना (17) पुत्री मुकेश खटीक मोबाइल से सेल्फी ले रही थी। इस दौरान वह अनियंत्रित होकर नदी में गिरकर बह गई। काफी खोजबीन के बाद वह पुल से साठ मीटर दूर बेसुध मिली जिस पर परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के राजघाट बांध के दस गेट खोलकर रविवार को पानी छोड़ा जा रहा था। बांध और गेटों के आगे चंदेरी मार्ग पर स्थित बेतवा नदी के पुल पर घूमने वालों की काफी भीड़ थी। इस दौरान गांव राजघाट निवासी संजना अपनी फुफेरी बहन दीया के साथ पुल पर गई थी। यहां से बांध का मनोरम दृश्य देख संजना अपनी फुफेरी बहन के साथ नदी के पुल के किनारे लगे पाइप पर पैर रखकर मोबाइल से सेल्फी ले रही थी। इस दौरान उसका पैर फिसल गया और वह पुल से नीचे गिर गई।
जब तक उसकी फुफेरी बहन दीया कुछ समझ पाती, संजना उसके सामने नदी के बहाव में बह गई। फुफेरी बहन की चीख पुकार सुन लोगों की भीड़ भी एकत्रित हो गई। वहीं दीया दौड़कर मामा के घर पहुंची और परिजनों को जानकारी दी जिस पर परिजन व गांव वाले सभी नदी की ओर दौड़ पड़े और राजघाट बांध के अधिकारियों को जानकारी देकर गेट बंद कराए और फिर पुल के पास पहुंचते ही कई लोग एक साथ संजना को खोजने के लिए नदी में कूूद गए। वहीं जानकारी मिलने पर राजघाट पुलिस चौकी एवं कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और किशोरी की खोजबीन के प्रयास शुरू कर दिए।
करीब दो घंटे बाद किशोरी पुल से लगभग साठ मीटर की दूरी पर बेसुध अवस्था में मिली जिस पर लोगों ने उसे नदी से बाहर निकाला और तत्काल जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता मुकेश खटीक ने बताया कि बेटी बारहवीं कक्षा में पढ़ती थी। वह दो बहनों व एक भाई में सबसे छोटी थी।