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एमपी के बांध में दरार आने से जनपद का सिंचाई विभाग हुआ चौकन्ना

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ललितपुर। मध्य प्रदेश के जनपद धार स्थित निर्माणाधीन बांध में दरार आ जाने के बाद जिले का सिंचाई विभाग भी सतर्क हो गया है। यहां नव निर्मित व निर्माणाधीन बांधों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। जिन बांधों को इस वर्ष पूरा भरा जाना था। उनकी स्थिति का परीक्षण होने लगा है। नवनिर्मित कचनौंदा बांध का एक गेट खोलकर 671.74 क्यूसेक पानी की निकासी की क्षमता परखी गई।
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सजनम नदी पर कचनौंदा बांध की नींव वर्ष 2010 में रखी गई थी और इसकी लागत करीब 174.97 करोड़ आई। बांध का पूर्ण जलस्तर 341.70 मीटर रखा गया है और न्यूतम जलस्तर 334.75 मीटर है। बांध के गेट आधुनिक तरीके के लगाए गए। बांध से एक हजार से ज्यादा भूमि को सिंचाई उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित है और 564 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन योजना निर्माणाधीन है। पाइपलाइन प्रोजेक्ट पूूूरा होने से 62 ग्रामों को लाभ पहुंचेगा। इस वर्ष इस नवनिर्मित बांध को पूर्ण क्षमता के अनुसार भरा जाना था। लेकिन एमपी के धार जिले के धरमपुरी क्षेत्र में कारम नदी पर निर्माणाधीन बांध में दरार आ गई और इससे पानी निकलने लगा।
एमपी के नवनिर्मित बांध में दरार आ जाने की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग ने शनिवार को नवनिर्मित कचनौंदा बांध का एक गेट खोलकर बांध से 671.74 क्यूसेक पानी छोड़कर बांध से जल निकासी की क्षमता परखी। जबकि कचनौंदा बांध का जलस्तर 338.05 मीटर ही हो पाया था और बांध पूर्ण क्षमता के सापेक्ष अभी 24 फीसदी खाली है। लेकिन एमपी के नवनिर्मित बांध में दरार आ जाने के बाद एहतियात के तौर पर कचनौंदा बांध के गेट खोलकर जलनिकासी की क्षमता को परखा गया है।
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राजघाट के छह गेट खोलकर छोड़ा जा रहा 50 हजार क्यूसेक पानी
एमपी में हो रही बारिश से बेतवा नदी में आ रहे पानी के चलते राजघाट बांध के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बांध का जलस्तर निर्धारित करने के लिए गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। रविवार को बांध के छह गेट खोलकर पचास हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। अधिकारी बांध के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
नवनिर्मित कचनौंदा बांध में अचानक पानी आ जाने के मद्देनजर एक गेट खोलकर जल निकासी की क्षमता को परखा गया। यह गेट करीब एक घंटे तक खोला गया था। बांध को इस वर्ष पूर्ण क्षमता के सापेक्ष 340 मीटर तक भरा जाना है।
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सतीश बुंदेलकर, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग।
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