ललितपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की परीक्षाओं में बैठने के लिए अब विद्यार्थियों को ज्यादा शुल्क अदा करना होगा। मौजूदा शैक्षिक सत्र में परीक्षा शुल्क, पंजीकरण शुल्क सहित अन्य शुल्कों में दोगुने से अधिक की बढ़ोत्तरी कर दी गई है, जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित निर्धन वर्ग के छात्र-छात्राओं के होने का अनुमान है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र में हर साल बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पंजीकृत होते हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा शुल्क, पंजीकरण शुल्क सहित अन्य शुल्क बढ़ा दिए हैं। पंजीकरण शुल्क 20 से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होने वाले संस्थागत परीक्षार्थियों को 80 रुपए की जगह अब 200 रुपये देने होंगे।
व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को 100 की जगह 300 रुपये खर्च करने होंगे। इंटरमीडिएट परीक्षा में संस्थागत परीक्षार्थियों को 90 के स्थान पर 220 रुपये, व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को 150 की जगह 400 रुपये चुकाने होंगे। इंटरमीडिएट कृषि भाग एक में संस्थागत परीक्षार्थियों के लिए 80 से बढ़ाकर 220 रुपये, व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए 150 के स्थान पर 400 रुपये शुल्क कर दिया गया है। इंटरमीडिएट कृषि भाग दो परीक्षा में संस्थागत परीक्षार्थियों के लिए 80 रुपए की जगह 220 रुपए, व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए 150 के स्थान पर 400 रुपये शुल्क अदा करना होगा।
संस्थागत परीक्षा के अंक पत्र की द्वितीय प्रतिलिपि के लिए भी ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। पहले 20 रुपए में अंक पत्र बन जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 100 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार प्रमाण पत्र की द्वितीय प्रतिलिपि का शुल्क 50 से बढ़ाकर 100 रुपये देना होगा। प्रमाण पत्र देेरी से प्राप्त करने में ज्यादा शुल्क वहन करना होगा। पांच साल बाद प्रमाण पत्र लेने पर 200 रुपये शुल्क लगेगा। वर्ष 2017 की परीक्षा में संशोधित दरें प्रभावी हो गई हैं। इन बढ़ी दरों से निर्धन वर्ग के छात्र-छात्राएं प्रभावित होंगे।
इस समय देश सूखा की विभीषिका से जूझ रहा है। बुंदेलखंड में तो और भी हालात बुरे हैं। बढ़े हुए शुल्क में अभिभावकों को पढ़ाना मुश्किल हो जाएगा।
- गौरव गौतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
विद्यार्थी परिषद
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा का शुल्क बढ़ाना अनुचित है, जिसका बोझ बुंदेलखंड सहित अन्य जिलों के निर्धन अभिभावकों पर पड़ेगा। शुल्क बढ़ोत्तरी के विरोध में हर जिले में प्रदर्शन किया जाएगा।
- उमेश तंवर, राष्ट्रीय सचिव एवं बुंदेलखंड प्रभारी
एनएसयूआई