ललितपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों पर कई शिक्षिकाओं की नियुक्ति का फर्जीबाड़ा उजागर होने के बाद शासन के निर्देश पर परिषदीय विद्यालयों में भी फर्जी शिक्षक पकड़ने के लिए नई जांच कमेटी गठित कर दी गई है। हालांकि, पूर्व में गठित कमेटी के हाथ एक भी फर्जी शिक्षक नहीं लगा था। इससे अब नई कमेटी से ज्यादा उम्मीदें बंध गई हैं।
प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2010 से लेकर शिक्षक की विभिन्न भर्तियों पर जांच बैठा दी थी। इस दौरान अपर जिला मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक और सहायक मंडलीय शिक्षा निदेशक को जांच अधिकारी नामित कर दिया था। प्रदेश के कई जिलों में इस कमेटी ने बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक पकड़े। लेकिन, इस मामले में जिले की कमेटी फिसड्डी साबित हुई। कमेटी ने 14 दिव्यांग शिक्षकों पर संदेह जाहिर किया था, जिस पर इनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया। इसकी अभी तक जांच रिपोर्ट कमेटी को प्राप्त नहीं हो सकी है। इस तरह जांच कमेटी के हाथ खाली के खाली रह गए थे।
पिछले दिनों कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों पर कई शिक्षिकाओं की नियुक्ति का फर्जीबाड़ा उजागर हुआ तो प्रदेश सरकार एक बार हरकत में आ गई और उसने नई जांच कमेटी गठित कर दी। इसमें अपर जिला मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक व बीएसए को शामिल किया गया है।
अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश के समस्त जनपदों में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के पदों पर भारी संख्या में अनियमित /नियम विरुद्घ/ फर्जी नियुक्तियां हुई हैं। नई कमेटी को इस तरह के प्रकरणों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
एसआईटी ने पकड़ा था एक फर्जी शिक्षक
एसआईटी ने जिले में नियुक्त एक शिक्षक के अंक पत्र में हेराफेरी पाई थी। जिसके उपरांत उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उधर, एक उर्दू शिक्षक की विजीलेंस भी जांच कर रही है।
ठंडे बस्ते में उर्दू शिक्षकों की जांच
तत्कालीन जिलाधिकारी ने शिकायतों के आधार पर उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी पर जांच बैठा दी थी। उनके स्थानांतरण होते ही जांच ठंडे बस्ते में चली गई है। मौजूदा अधिकारी इस फाइल में हाथ डालने से बच रहे हैं।
शासन के निर्देश पर नई कमेटी का गठन किया जा रहा है। कितने शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन हुआ है और कितने के अभी अवशेष है। पूर्व जांच कमेटी द्वारा की जांच के रिकार्ड को जुटाया जा रहा है।
- रामप्रवेश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी