बिजरौठा/तालबेहट (ललितपुर)। उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र ने ग्राम बिजरौठा में चौपाल लगा कर विकास और राजस्व कार्यों की समीक्षा की।
चौपाल में आंगनबाड़ी कार्यकत्री मौजूद न मिलने पर उनके वेतन काटने के निर्देश दिए। वहीं, कोटेदार की काफी शिकायतें आने पर जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी पूर्ति निरीक्षक को दिए।
चौपाल में भू अभिलेखों का निरीक्षण करते समय लेखपाल विरासत पंजिका नहीं लेकर आए। जिस पर लेखपाल से स्पष्टीकरण देते हुए तीन दिन में पंजिका लेकर लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिए।
बृजलाल द्वारा पट्टे की भूमि पर दबंगों के कब्जा होने की शिकायत पर उसकी आराजी की पैमाइश कराने के निर्देश दिए। अनुदान राशि के 1356 चेकों में से 750 चेक वितरण होने की जानकारी पर लेखपाल को तीन दिन में पूरे चेक वितरण करने के निर्देश दिए। कुछ लोगों ने चेक बनाने में मानक का ध्यान न रखने की शिकायत की जिस पर राजस्व निरीक्षक से पूरे मामलें की जांच कर पात्रता देखने के निर्देश दिए।
गांव में 24 इंदिरा आवास तथा 30 शौचालयों को पूरा कराने के लिए निर्देशित किया गया। गांव में छह आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। जानकारी के बावजूद चौपाल में कोई भी आंगनबाड़ी कार्यकत्री मौजूद नहीं मिली। जिस पर सहायक कार्यक्रम अधिकारी को सभी का स्पष्टीकरण लेते हुए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने बताया कि इतने बड़े गांव में सफाई के लिए मात्र एक कर्मचारी है, जिसके कारण गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। जिसके लिए ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को अलग से सफाई व्यवस्था कराने के लिए निर्देशित किया गया।
ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालय होने के बावजूद चिकित्सक के न आने की शिकायत की। जिस पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र लिखने का आश्वासन दिया।
गांव में दो कोटेदार है। दोनों के संबंध में बताया गया कि उनका बोलचाल ठीक नहीं है। इसके अलावा वह निर्धारित दर से अधिक पर खाद्यान्न का वितरण करते है। जिस पर पूर्ति निरीक्षक से विस्तृत जांच कर दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
चौपाल में राजस्व निरीक्षक शिवकुमार चौबे, लेेखपाल राजेन्द्र प्रसाद, ग्राम प्रधान करन कुशवाहा आदि मौजूद रहे।