तालबेहट (ललितपुर)। उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र ने बुधवार को अपने गोद लिए गांव बिजरौठा के जूनियर हाईस्कूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें विद्यालय में भारी कमियां मिली। विद्यालय के बच्चों के साथ अध्यापकों का शैक्षिक स्तर भी काफी घटिया मिला।
दोपहर दो बज कर 40 मिनट पर उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र ने विद्यालय का निरीक्षण किया। उस समय विद्यालय की कक्षाएं बंद हो गई थी और छात्र भी कक्षाओं से बाहर आ गए थे। उपजिलाधिकारी की गाड़ी को विद्यालय आते देख कर फिर से कक्षाएं खोली दी गई।
सबसे पहले वहा कार्यरत अध्यापकों की उपस्थिति देखी तो कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका सहित चार अध्यापक मौजूद मिले। एक सहायक अध्यापिका और दोनों अनुदेशक गैरहाजिर मिलें। गैरहाजिर सहायक अध्यापिका गीता रानी के बारे में बताया गया कि उनकी एक छात्रावास में ड्यूटी लगी है।
परन्तु इस संबंध में कोई पत्र या आदेश विद्यालय में निरीक्षण के समय नहीं मिला। कंप्यूटर अनुदेशक आनंद कुमार दो फरवरी से बिना सूचना के गैर हाजिर बताए गए जबकि कला अनुदेशक प्रदीप कुमार भी मौके पर मौजूद नहीं मिलें।
विद्यालय में बच्चों की संख्या काफी कम मिली। बच्चों का शैक्षिक स्तर जानने के लिए पूछें गए मामूली सवालों को वह जवाब नहीं दे सके। इस पर जब अध्यापक भी जवाब न दे सकें। विद्यालय में पेयजल का काफी संकट मिला। विद्यालय में लगा हैंडपंप सूखा मिला।
आसपास की जमीन के अंदर पानी न होने की बात भी बताई गई। मिड-डे मील में तहरी बनना बताया गया। इस मौके पर नायब तहसीलदार सुबोध मणि शर्मा और सहायक प्रवीण प्रधान, ग्राम प्रधान करन कुशवाहा आदि मौजूद रहें।