ललितपुर। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य गीता प्रधान ने कहा कि यहां पर शासन की योजनाएं धरातल पर नहीं पहुंच पा रहीं है। इसका कारण अधिकारियों की मानसिकता नहीं बदलना है। वह पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
सर्किट हाउस में उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मानसिकता समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी की है। इससे अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को सम्मान नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश स्तर पर अनूसूचित जाति व जनजाति की आधी से अधिक समस्याओं का निस्तारण किया जा चुका है। शेष समस्याओं का शीध्र ही निस्तारण कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन में सबसे अधिक महत्वपूूर्ण भूमिका हम लोगों की है, लेकिन, इसके बाद भी शोषण किया जा रहा है। नगर पालिका के रवैया को लेकर बताया कि कार्यालय में बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिल पा रही है और न ही शौचालय की व्यवस्था है। विभाग में अनुसूचित जाति व जनजाति लोगों को अधिकारियों द्वारा उचित सम्मान नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि पांच जनवरी तक कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुुआ तो शासन को लिखा जाएगा। वह निजी कार्यक्रम में आई थीं।