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बच्चों की छोड़ो, प्रधानाध्यापक नहीं सुना सके पहाड़े

Sun, 23 Oct 2016 01:03 AM IST
lalitpur
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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। प्राथमिक शिक्षा जिनके भरोसे है, उन्हें ही ज्ञान नहीं है तो शिक्षा के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है। बच्चों की छोड़ो प्रधानाध्यापक तक पहाड़े नहीं सुना सके। हतप्रभ कमिश्नर ने प्रधानाध्यापक का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है।
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  मंडलायुक्त झांसी के. राम मोहन राव ने शनिवार को विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचन नामावलियों का संक्षिप्त पुनरीक्षण विशेष अभियान की प्रगति जानने के लिए तहसील पाली के विभिन्न बूथों का निरीक्षण किया। साथ ही स्कूलों को भी देखा। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने प्राथमिक विद्यालय ठगारी के प्रधानाध्यापक से19 का पहाड़ा सुनाने को कहा, जिसे वह नहीं सुना सके। इसके बाद उन्होंने 18 का पहाड़ा सुनाने के लिए कहा तो वह 18 का पहाड़ा भी नहीं सुना पाये। गणित और अंग्रेजी का ज्ञान कमजोर होने तथा अध्यापन कार्य में रुचि न लिए जाने के कारण उनका वेतन रोक दिया गया।

 मंडलायुक्त के राम मोहन राव व  जिलाधिकारी डॉ रूपेश कुमार बिरधा विकास खंड के प्राथमिक तथा कन्या प्राथमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय के मुख्य द्वार पर गंदगी पाये जाने पर प्रधान अध्यापिका सुनीता को फटकार लगाई। प्रधान अध्यापिका द्वारा बताया गया कि प्रवेश द्वार पर ही सब्जी विक्रेताओं द्वारा दुकानें लगाई जाती हैं, जिसके कारण गंदगी बनी रहती है। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान तथा पुलिस के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सब्जी मण्डी को किसी दूसरी जगह स्थानानांतरित करें। कमिश्नर द्वारा निर्वाचक नामावली हेतु बनाये गये सर्वेक्षण प्रारूप का अवलोकन कर बीएलओ से प्रारूप-6, प्रारूप-7 तथा प्रारूप-8 के भरे जाने की अब तक की प्रगति के बारे में पूछताछ की।
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प्राथमिक विद्यालय में चल रही अर्धवार्षिक परीक्षा का निरीक्षण किया, इसके साथ ही मिड डे मील की रसोई के निरीक्षण के साथ ही विद्यालय परिसर में शौचालयों का निरीक्षण किया। शौचालय गंदा पाये जाने पर प्रधानाध्यापिका सुनीता तथा अध्यापक रामकिशोर का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।  मण्डलायुक्त द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय पटउआ का भी निरीक्षण किया गया। रसोई कक्ष में गैस की उपलब्धता बनाये रखने हेतु ग्राम प्रधान को निर्देशित किया तथा प्रधानाध्यापक कक्ष में लगे सोलर वाटर सिस्टम को देखा। बीएलओ से फार्म 6, 7, 8 के अब तक की जमा होने की जानकारी ली। विद्यालय में बच्चों के पीने के पानी हेतु टोंटी लगी मिली किन्तु प्लेटफार्म नहीं बना था, जिस पर उन्होंने ग्राम प्रधान तथा प्रधानाध्यापक को एक सप्ताह के अंदर प्लेटफार्म स्थापित कराने के निर्देश दिये। विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। जिस पर उन्होंने अध्यापिका ज्योत्सना तथा सरोज का वेतन रोकने के निर्देश दिये तथा यह भी कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होने पर ही वेतन आहरित किया जायेगा।

इसके उपरान्त मण्डलायुक्त ने प्राथमिक विद्यालय डोंगरा कला में  मिड डे मील की गुणवत्ता का परीक्षण किया। मेन्यू के अनुसार सब्जी नहीं बनी थी। महोली स्कूल में शौचालय गंदे थे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बालाबेहट में छात्र-छात्रायें कमरों में परीक्षा देते हुए मिले। प्रधानाध्यापक के कक्ष में बल्ब जलता हुआ मिला जबकि परीक्षा कक्षों में बच्चे अंधेरे में परीक्षा देते हुए मिले। इस पर मण्डलायुक्त ने प्रधानाध्यापक को फटकार लगाई।

इसके अलावा निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण हेतु तैनात पदाभिहित अधिकारी से डोर टू डोर सर्वे के कार्य की जानकारी प्राप्त की तथा सर्वे का कार्य पूरा न पाये जाने पर वेतन रोकने के निर्देश दिये। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, उप जिलाधिकारी पाली  महेश प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या झांसी मंडल  भोलाराम, अधिशासी अभियंता विद्युत, क्षेत्राधिकारी बालाबेहट सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद थे।
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