ललितपुर। एसडीपीएस इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक कमलेश चौधरी ने बताया कि कोरोना महामारी से बचने के लिए स्कूल परिसर को प्रतिदिन सोडियम हाईपोक्लोराइड द्वारा सैनिटाइज कराया जाएगा। साथ ही मुख्य द्वार पर छात्र - छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। इसके बाद स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि बच्चों के जूते सैनिटाइज किए जाएंगे। प्रत्येक कक्ष के पास ऑटोमेटिक डिस्पेंसर लगाए जा रहे हैं, जिसमें हैंडवॉस, नैपकिन और माक्स निकलेंगे। इनको लगाकर ही छात्र विद्यालय में प्रवेश करेंगे। प्रत्येक कक्षा को दो भागों में बांटा गया है, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 15 छात्रों को बैठने की व्यवस्था की गई है। ऐसे गेम्स पर रोक रहेगी, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न हो, टीचिंग स्टॉफ और नॉन टीचिंग स्टॉफ की प्रतिदिन थर्मल स्क्रीनिंग होगी। मास्क लगाना अनिवार्य होगा। सभी कक्षाओं को अलग - अलग समय पर छोड़ा जाएगा। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके।
स्कूल में ऑटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन, थर्मल स्क्रीनिंग एवं स्कूल परिसर को सैनिटाइज करने के बाद प्रवेश दिया जाए। सामूहिक खेलकूद पर प्रतिबंध रखा जाए। - अंकिता मिश्रा
पढ़ाई के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए। यूवी रॉड द्वारा जूतों को सैनिटाइज एवं बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाए। कैंटीन, स्वीमिंग पूल आदि को बंद रखा जाए। स्कूल को ई-क्लास आधारित पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। - सोनी आनंद सिंह
मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग एवं हैंड सैनिटाइजर के साथ- साथ मॉस्क के बिना नो इंट्री हो। क्लासों में कम से कम छात्रों का प्रवेश हो, जिससे संक्रमण का खतरा न रहे। बच्चों के स्कूल नहीं खुलने चाहिए, क्योंकि स्कूल खुलने पर बच्चों के बीच सामाजिक दूरी बनाए रखना बहुत मुश्किल है। - डीबी अग्रवाल
छात्रों को हर समय एक मीटर की दूरी बनाए रखनी चाहिए। परिसर में प्रवेश करते समय लक्षणों की जांच करनी चाहिए। स्कूल नियमित रूप से सैनिटाइज करना चाहिए। बच्चों को मास्क पहनना चुनौती होगी। बच्चों को नियमित टेस्ट के बाद ही प्रवेश दिया जाना चाहिए। - दुर्गा चंद्र