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सरिता होंगी जिला पंचायत प्रत्याशी

Sun, 20 Dec 2015 01:09 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार शनिवार की शाम को सरिता यादव को समाजवादी पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए संभावित दावेदारों ने एक हफ्ते से लखनऊ में डेरा डाल रखा था। प्रदेश के तमाम जनपदों में प्रत्याशियों की घोषणा होने के बावजूद ललितपुर को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई थी। आधा दर्जन से अधिक सदस्य पार्टी आलाकमान से टिकट की मांग कर रहे थे,

लेकिन तमाम अटकलों को दरकिनार कर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव की पत्नी और बुढ़वार सीट से जिला पंचायत सदस्य सरिता यादव को पार्टी ने अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। शासन ने सात जनवरी तक जिला पंचायत अध्यक्ष पद की नियुक्ति की घोषणा की है।
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तमाम सदस्यों की ओर से दावेदारी पेश करने के कारण पार्टी को एक नाम तय करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूत्रों के अनुसार पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी सरिता यादव का र्निविरोध अध्यक्ष बनना आसान नहीं होगा। असंतुष्ट सदस्यों द्वारा नाम घोषणा के बाद से ही आगामी रणनीति पर विचार किया जाने लगा है। आने वाले दिनों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए घमासान से इंकार नहीं किया जा सकता है।

कई सदस्य चुनाव के मूड में
समाजवादी पार्टी को भले ही जिला पंचायत चुनाव में भारी जीत मिली हो, लेकिन अधिकृत प्रत्याशी की राह आसान नहीं रहने वाली। हाल में हुए चुनाव में समाजवादी पार्टी के सबसे ज्यादा सदस्यों को जीत मिली। लेकिन, अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर सामने आए कई नामों के बाद र्निविरोध की स्थिति बनाना पार्टी के लिए बड़ी जीत होगी। कई सदस्य हैं, जो कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चयन चुनाव के जरिये कराने के पक्ष में हैं।

गुटबाजी चरम पर  
पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशी घोषित होने के बाद से गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। कोई गुट अपनी जीत के दावे कर रहा था, दूसरा गुट पार्टी के निर्णय को जनता के ऊपर थोपना बता रहा है। कुछ नाम जिला पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हो गए थे।

इन नामों को जनता की ओर से भी समर्थन मिल रहा था, लेकिन पार्टी के निर्णय पर सभी संतुष्ट नहीं हो पाए। ऐसे में कराना निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव के लिए बड़ी चुनौती रहेगी, क्योंकि सबसे ज्यादा विरोध पार्टी के भीतर से हो रहा है।

क्या इतिहास दोहराया जाएगा?
जिला पंचायत अध्यक्ष के पद के लिए इच्छुक उम्मीदवारों में से कई पार्टी के निर्णय से असंतुष्ट हैं। कुछ सदस्यों ने बताया कि जब बहुजन समाज पार्टी की सरकार में विपक्षी पार्टी का सदस्य अध्यक्ष बन सकता है, तो यह इतिहास फिर से भी दोहराया जा सकता है।

दावेदारों के लखनऊ से लौटने के बाद जनपद में होने वाली बैठकों पर सबकी नजर रहेगी। कई सदस्यों का कहना है, कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है, लेकिन जनता की भावना का ख्याल रखना भी जरुरी है।
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