फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरिता बनीं निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष

Tue, 05 Jan 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर समाजवादी पार्टी में विद्रोह होने पर खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दखल देना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव के
विज्ञापन


प्रतिनिधि राजेश यादव की मां अतल देवी ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया और सपा की अधिकृत प्रत्याशी सरिता देवी को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित घोषित करते हुए जिलाधिकारी ने प्रमाण पत्र सौंप दिया। इससे जिला पंचायत के निवर्तमान अध्यक्ष शिशुपाल सिंह के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई है।   

जिला पंचायत में 21 में से 17 सदस्य समाजवादी पार्टी के समर्थक जीतकर आए हैं। इसपर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी बनने के लिए सपा में होड़ मच गई थी। सपा जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन की पत्नी वंदना निरंजन, पूर्व नपाध्यक्ष रमेश खटीक की बहू जयश्री खटीक, निवर्तमान अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव की पत्नी सरिता देवी व सहकारी बैंक के उप सभापति एवं सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव की मां अतल देवी ने टिकट के लिए दावेदारी की थी।
विज्ञापन


लेकिन समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव की पत्नी सरिता यादव को बनाया गया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष तथा सहकारी बैंक के उप सभापति राजेश यादव ने विद्रोह करते हुए अपनी मां अतल देवी का नामांकन करा दिया। राजेश यादव को राज्यसभा सांसद डां. चंद्रपाल सिंह यादव के निकटस्थ माना जाता है। वह सांसद प्रतिनिधि भी हैं। ऐेसे में राजेश यादव को मनाने की कोशिशें शुरू हो गई। पूर्व सांसद सुजान सिंह बुंदेला, चंद्रभूषण सिंह बुंदेला व दादा यादवेंद्र सिंह ने कई दौर की बात की।

दरअसल, राजेश यादव की नाराजगी सबसे ज्यादा जिला पंचायत अध्यक्ष रहे शिशुपाल सिंह यादव के कार्यकाल को लेकर थी। राजेश का कहना था कि शिशुपाल के कार्यकाल में अनेक विवादित कार्य हुए, जिससे पार्टी की छवि खराब हुई है। कोई भी नेता उनकी नाराजगी दूर नहीं कर सका और उनकी मां अतल देवी ने नामांकन भर दिया।
 
राजेश यादव के नहीं मानने पर जिला पंचायत अध्यक्ष पद का निर्विरोध निर्वाचन अटक गया।  जानकार सूत्रों के अनुसार गरौठा विधायक दीप नारायण यादव व गुड्डू राजा ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके उपरांत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दखल से झांसी में निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव और राजेश यादव को बैठाकर पंचायत की, जिसमें राजेश यादव ने मां अतल देवी का नामांकन वापस लेने पर सहमति व्यक्त की।  

सोमवार को दिन में करीब डेढ़ बजे गरौठा विधायक दीप नारायण सिंह यादव कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके साथ चंद्रभूषण सिंह बुंदेला, पूर्व जिलाध्यक्ष तिलक सिंह यादव, सहकारी बैंक अध्यक्ष फूल सिंह नन्ना, कैलाश यादव, राजेश यादव, शिशुपाल सिंह यादव, उम्मीदवार सरिता देवी व अतल देवी भी साथ थीं। सभी नेता जिलाधिकारी न्यायालय पहुंचे, जहां थाना सीट से विजयी जिला पंचायत सदस्य अतल देवी ने अपना नामांकन वापस ले लिया।

इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने सरिता देवी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित करके जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रमाण पत्र सौंप दिया। इसके साथ ही तीन दिन चले हाईवोल्टेज ड्रामे का अंत हो गया।

पार्टी के लिए किया त्याग
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अतल देवी का नामांकन वापस होने के बाद सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष पद का त्याग किया है। नामांकन वापसी में उन्होंने गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव, चंद्रभूषण सिंह बुंदेला गुड्डू राजा, पूर्व जिलाध्यक्ष तिलक यादव के अलावा राज्यसभा सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव की बड़ी भूमिका बताई।

राजेश यादव ने यह भी कहा कि वह मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा बताना चाहते थे। इस मौके पर निर्वतमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव, फूलसिंह यादव, कैलाश यादव, रामजीवन यादव, पप्पूराजा आलापुर, नेपाल सिंह, अश्विनी पुरोहित गोलू, यादवेंद्र यादव, आसिफ कुुरैशी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें