ललितपुर। थाना नाराहट के अंतर्गत ग्राम बरौदिया में बीते आठ दिन पूर्व एक संत के चबूतरे के निर्माण को लेकर हुए बवाल में ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं और न्यायालय में वाद दायर करने के लिए अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया है।
थाना नाराहट के ग्राम बरौदिया निवासी राजकुमार पत्नी अखिलेश अहिरवार ने अपर सत्र न्यायाधीश (अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) की अदालत में अधिवक्ता अनिल यादव के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र दिया है कि ग्राम बरौदिया में गांव के बाहर संत रविदास की प्रतिमा स्थापित थी, जिस पर वह पूजा पाठ करते थे। दो माह पूर्व गांव के कुछ व्यक्तियों द्वारा चबूतरा उखाड़कर प्रतिमा तोड़ दी गई थी और उसके एवं उसके अन्य साथियों के साथ मारपीट की गई थी। धरना प्रदर्शन करने पर जिलाधिकारी द्वारा चबूतरे का पुन: निर्माण व प्रतिमा स्थापित करने को आश्वासन दिया गया, लेकिन दो माह गुजरने के बाद भी निर्माण नहीं हुआ। जिस पर बीते 03 दिसंबर को मंदिर निर्माण कर रहे थे, आरोप है कि शाम चार बजे एसडीएम पाली, नाराहट थानाध्यक्ष, सीओ पाली, महिला कांस्टेबल, लेखपाल व 30-40 पुलिस कांस्टेबल आए और मंदिर निर्माण को रोकने लगे और उन लोगों के साथ गाली गलौज कर अभद्र व्यवहार करने लगे। उसे व समाज केे लोगों को जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने का भी आरोप लगाया। जब उनसे कहा कि यहां यहां पूर्व से मंदिर बना था और मंदिर निर्माण करेंगे। आरोप है कि एसडीएम ने कांस्टेबल का डंडा छुड़ाकर एवं थानाध्यक्ष ने डंडे से उसे एवं सुगररानी, चंपा, प्रभासिनी, कांटी की मारपीट कर दी, जब रोका तो वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों व पुलिस कांस्टेबिलों द्वारा वहां मौजूद अन्य महिलाओं के साथ मारपीट भी की, जिससे उसे एवं कई महिलाओं को चोटें आईं। गांव के लोगों द्वारा डायल 108 पर फोन किया तो एंबुलेंस से उसे व अन्य महिलाओं को प्राथमिकता चिकित्सालय बिरधा लेकर गए, लेकिन उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। अधिवक्ता अनिल यादव ने बताया कि ग्राम बरौदिया निवासी राजकुमारी के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने आपराधिक वाद दर्ज कर सुनवाई के लिए 16 जनवरी 2021 की तारीख नीयत की है।