ललितपुर। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन संविदा कर्मचारी संघ ने मुख्य मंत्री को एक ज्ञापन भेजकर बिजली विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को उनके कार्य के अनुरूप बढ़ा हुआ वेतन, ईपीएएफ दिलाने एवं सुरक्षा की मांग की है। उनकी मांगों के लिए सात सितंबर को संघ द्वारा लखनऊ में आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में बताया कि बिजली विभाग की नीतियों के विरुद्घ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की तैनाती कर सब स्टेशनों का संचालन, लाइनों का अनुरक्षण, मीटर रीडिंग, ट्रांसफार्मर की रिपेयरिंग, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि कार्य कराए जा रहे हैँ। जबकि उन्हें वेतन छह हजार से मात्र 9700 रुपये ही दिया जा रहा है। ऐसी महंगाई में परिवार का भरण पोषण व बच्चों की शिक्षा दीक्षा में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सैनिक कल्याण निगम से तैनात संविदा कर्मियों को 24 हजार का अनुबंध किया गया है। जबकि समान कार्य समान पद पर संविदाकारों के माध्यम से तैनात कर्मियों का अनुबंध 11 हजार का किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों में रोष है।
उनका कहना है कि आए दिन बिजली कार्य के दौरान दुर्घटनाएं होती है, जिसमें कर्मचारियों की मौत तक हो जाती है। इन दुर्घटनाओं पर प्रभारी अंकुश लगाया जाए। संविदा पर मीटर रीडिंग कर्मचारियो को न्यूनतम वेतन से कम वेतन दिया जा रहा है और ईपीएफ की जानकारी नहीं दी जा रही है। संविदा कर्मचारियों पर विभागीय कार्य के लिए निजी वाहन एवं मोबाइल इस्तेमाल का दबाव बनाया जाता है, जबकि उन्हें पेट्रोल व मोबाइल भत्ता नहीं मिलता। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से उनकी समस्याओं के निस्तारण की मांग की है और समस्या निस्तारण के लिए संघ के माध्यम से सात सितंबर से लखनऊ के ईको गार्डन में आंदोलन करने की चेतावनी दी। ज्ञापन पर संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा एवं विवेक श्रीवास्तव के हस्ताक्षर हैं।