ललितपुर। नगर पालिका कर्मचारियों के लिए समाजवादी पेंशन योजना जी का जंजाल बनती नजर आ रही है। कर्मचारी पात्र लोगों के घर दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि नया लक्ष्य बढ़ने से फार्म जमा करने के लिए महिलाओं में होड़ मच गई हैं।
नगर में बड़ी संख्या में गरीबी रेखा के नीचे जीवन- यापन करने वाले लोग निवास करते हैं। शासन ने मजदूरी करने वाली महिलाओं को समाजवादी पेंशन योजना से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है, इसमें तलाक शुदा, विकलांग और गरीबी रेखा के नीचे जीवन- यापन करने वालों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाना है। समाज कल्याण विभाग की इस योजना के अंतर्गत नगर पालिका कर्मचारियों ने शुरुआत में 8,664 फार्म जमा कराए थे। लक्ष्य 3,429 दिया गया था, चयन के बाद पात्र महिलाओं के खाते में 500 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से पेंशन भेजी जा रही है।
बाद में 1,360 पात्रों का लक्ष्य बढ़ा दिया गया, इसमें से 1,325 का लक्ष्य ललितपुर शहर को दिया गया।
इस लक्ष्य में पहले से जमा फार्मों में से ही चयन करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि नए फार्म जमा नहीं किए जा रहे हैं। लेकिन, इसके बाद भी बड़ी संख्या में महिलाएं नगर पालिका कार्यालय पहुंच रही हैं और अपने फार्म जमा कर रही हैं। महिलाएं फार्म जमा करने की जिद पर अड़ जा रही हैं, इससे नगर पालिका कर्मचारियों के सामने समस्या आ रही है।
ताक पर प्रमुख सचिव के निर्देश
प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने नगर पालिका के कर्मचारियों के बोझ को देखते हुए समस्त मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर नगर पालिका के कर्मचारियों को आवश्यक व अपरिहार्य स्थिति में ही अन्य कामों में लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद भी नपा कर्मियों को समाजवादी पेंशन के अलावा विकलांग, वृद्घावस्था और विधवा पेंशन में लगाया जा रहा है। समाजवादी पेंशन के नए लक्ष्य में तो आउटसोर्सिंग के कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ दो कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।