शहर से करीब 80 मीट्रिक टन कचरा प्रतिदिन निकलता है, इसमें सॉलिड, लिक्विड और पालीथिन आदि सामग्री समेत सभी प्रकार का कचरा शामिल रहता है। कचरे के स्थायी समाधान के लिए ग्राम अमरपुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तैयार करने के लिए जमीन देख ली गई है। यहां नगर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करने के बाद गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी तथा प्लास्टिक को रिसाइकिल करने के लिए झांसी भेज दिया जाएगा। इस प्लांट को अगले पचास सालों में नगर के साथ- साथ नगर पंचायत महरौनी, तालबेहट और पाली में बढ़ने वाली आबादी व निकलने वाले कचरे को ध्यान में रखकर बनाया जाना है। इसमें डोर- टू-डोर कचरा एकत्रित होगा।
प्लांट से संबंधित जानकारी देने के लिए सफाई निरीक्षकों के साथ अधिशासी अधिकारी को गत मई माह में लखनऊ में दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया था, इसमें सफाई इंस्पेक्टरों व अन्य अधिकारियों को तमाम जानकारी दी गई थी तथा उनसे उत्तर पत्रक भरवाए गए थे। प्रदेश से शामिल हुए करीब 250 अफसरों में से 20 चुने गए थे, जिसमें शामिल सफाई निरीक्षकों व अधिशासी अधिकारियों को हैदराबाद में होने वाली तीन दिवसीय कार्यशाला के लिए चुना गया। इस कार्यशाला में बुंदेलखंड के जालौन जिले की उरई नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी व ललितपुर नगर पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक दिनेश कुमार बिरौनियां भाग लेंगे।
कार्यशाला में सॉलिड वेस्ट मैंनेजमेंट के साथ ई- गवर्नेंस व गुड गवर्नेंस की बारीकियां सिखाई जाएंगी। सात, आठ और नौ जुलाई को होने वाली इस कार्यशाला में कचरा उठान की जानकारी दी जाएगी। पॉवर प्रजेंटेशन के साथ-साथ हैदराबाद के सॉलिड वेस्ट प्लांट का निरीक्षण कराया जाएगा और मौके पर ही पूरे सिस्टम को समझाया जाएगा।