ललितपुर। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिले के 20 हजार निवेशकों को 30 करोड़ मिलने की आस जगी है। जमाकर्ता वित्तीय हित संरक्षण अधिनियम के तहत जनपद में चिटफंड कंपनियों से पीड़ितों के चालीस हजार के करीब आवेदन जमा किए गए। इसमें बीस हजार मामले सहारा से जुड़े हैं। फिलहाल इन दावों की जांच दो राजस्व लेखपाल कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस व राजस्व की रिपोर्ट के बाद शासन को आख्या भेजी जाएगी। इसके साथ जिलाधिकारी आलोक सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। जिसमें मुख्य कोषाधिकारी, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक मैनेजर शामिल है। यह कमेटी जांच के बाद आने वाले आवेदनों के संबंध में रिपोर्ट तैयार करेगी।
कई चिटफंड कंपनियां लगा चुकी हैं लोगों को चपत
आम लोगों की गाढ़ी कमाई पर जनपद में वर्षों से चिटफंड कंपनियां चपत लगाकर रफूचक्कर हो रही हैं। इसकी शुरुआत 1995 के बाद से हुई। इसके बाद कई चिटफंड कंपनियां आई और यहां के गरीब व मध्यमवर्ग के लोगों को लोभ-लालच देकर उनसे रुपये जमा करा लिए। जब रुपये लौटाने का समय आया तो यह कंपनियां भाग गईं।
चिटफंड कंपनियों के पीड़ित जमाकर्ताओं के आवेदन जमाकर्ता वित्तीय हित संरक्षण अधिनियम के तहत कराए गए। अभी तक करीब 40 हजार आवेदन जमा किए जा चुके हैं और इनके जांचने का कार्य किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार आगे का काम किया जाएगा।
गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व