ललितपुर। शहरवासियों में फैल रहे कोरोना संक्रमण के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इससे संक्रमित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा रहा है। अब तक शहर के 12 संक्रमित क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सील किया गया है। इससे आम लोगों के लिए सेफ जोन (सुरक्षित क्षेत्र) का दायरा सिकुड़ता जा रहा है।
जनपद में जैसे-जैसे कोरोना संक्रमित मरीज बढ़ते जा रहे हैं, संक्रमण रोकने के लिए प्रशासन उन क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सील कर रहा है। यहां पर बिना जांच के किसी को भी बाहर जाने व अंदर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अपने घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति के लिए मोबाइल बैरियर बनाए गए हैं। जहां से दूध, फल, सब्जी व अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बढ़ते संक्रमण के कारण अब तक शहर के 12 मोहल्लों के संक्रमित क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। इससे शहर की स्वतंत्रता का दायरा सिकुड़ता जा रहा है। लोगों को अपने घरों में रहने से समस्याएं आ रही हैं। इनमें मजदूर तबके के लोगों को अधिक समस्याएं आ रही है। लोगों को कंटेनमेंट जोन से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। इससे मजदूर, मजदूरी करने के लिए नहीं जा पा रहे हैं। जबकि, उनके आय का साधन एकमात्र मजदूरी ही है। इन क्षेत्रों में प्राइवेट नौकरी करने वालों को भी समस्या आ रही है।
वहीं, व्यापारी दुकानों को नहीं खोल पा रहे हैं। इससे मध्यम और छोटे वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। दुकानदार वर्ग का व्यक्ति व्यापार नहीं कर पा रहा है। बाजार में कई दुुकानों में ताले पड़ गए हैं। इसके आसपास के क्षेत्र को बंद किए जाने से कई लोग प्रभावित हो गए हैं। इससे ग्राहकों को भी सुलभता से वस्तुएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। यह स्थिति विभिन्न मोहल्लों की बनी हुई है। इनमें शाही रोड निवासी एक चिकित्सक के संक्रमित होने से बाजार ही बंद हो गया है। इससे कई लोग बेरोजगार नजर आ रहे हैं। इससे सभी वर्गों में आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है।
यह हैं संक्रमित क्षेत्र
शहर के एक दर्जन मोहल्ला व दो अस्पताल कंटेनमेंट जोन घोषित कर सील किए गए हैं। इनमें मोहल्ला सरदारपुरा,
सरायपुरा, वर्णी चौराहा, आजादपुरा, आजादपुरा रिसाला मंदिर, आजादपुरा अटल विद्या मंदिर, मवेशी बाजार, लक्ष्मी पुरा, कटरा बाजार, सिद्दनपुरा, पिसनारी, घुसयाना शामिलघ हैं। इसके अलावा दो अस्पताल हैं, इनमें सिद्दन रोड स्थित नर्सिंग होम व जिला अस्पताल के पास स्थित नर्सिंग होम शामिल है।
कंटेनमेंट जोन में स्वास्थ्य टीमों द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग करके जांच की जा रही है। इस दौरान लक्षण मिलने वालों को चिह्ति किया जा रहा है। इनके सैंपल लेकर जांच की जा रही है। कंटेनमेंट जोन शासन की गाइड लाइन के अनुसार लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी
इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं को बनाया जाए बेहतर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कांग्रेस ने बुंदेलखंड के जिलों में कोरोना के बढ़ रहे प्रकोप पर चिंता जाहिर की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पंचायत चुनाव समिति के केंद्रीय सदस्य डॉ. सुनील तिवारी ने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए प्रशासनिक अफसरों को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए खामियां दूर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड परिक्षेत्र में कोविड मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने से आमजन भयभीत है। बुंदेलखंड अंचल में जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सीएससी सेंटर खोले गए हैं, वहां पर इमरजेंसी और सामान्य स्वास्थ्य सेवा व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। सीएससी सेंटर पर भोजन की समय सारणी निर्धारित होनी चाहिए। प्रशासन को कोविड-19 की जांच का दायरा बढ़ाना चाहिए, कार्यस्थल पर नियमित सैनिटाइज करने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य योजना की निगरानी होनी चाहिए। नगर अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा ने कहा कि सीएससी में भर्ती कोविड मरीजों को पौष्टिक आहार दिया जाना चाहिए। मोबाइल एंबुलेंस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों की निगरानी की जानी चाहिए। इस अवसर पूर्व जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, बिट्टू राजा देवरान, बहादुर सिंह, अजय तोमर, रामनरेश दुबे, उदल पटेल, वीरेंद्र सिंह, पुनीत देवलिया, प्रदीप रिछारिया, निर्भीक शर्मा, कुलदीप पाठक, अजय कुशवाहा, युवक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित यादव, मोंटी शुक्ला, संजय जाटव, प्रेम नामदेव, संजीव हुंडैत, समद खां, महेंद्र पनारी, सुनील पटैरिया मौजूद रहे।