ललितपुर। बुधवार को सदर विधायक ने लखनऊ में भाजपा का दामन थाम लिया है। उधर, बसपा ने उन्हें विरोधी गतिवधियों में लिप्त रहने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया है। विधायक के पाला बदलने से जिले की राजनीति गरमा गई है।
यूपी के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियों में अंदरखाने घमासान मचा हुआ है। कोई टिकट कटने से नाराज होकर तो टिकट की चाह में पाला बदल रहा है। बीते कई महीनों से ललितपुर सीट के विधायक रमेश कुशवाहा टिकट कटने के बाद से बसपा से नाराज चल रहे थे और उन्होंने अपना नया ठिकाना तलाशना तभी से आरंभ कर दिया था। जैसे ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा का दामन थाम, वैसे ही सदर विधायक रमेश कुशवाहा उनके संपर्क में आ गए। पिछले दिनों मऊरानीपुर में स्वामी प्रसाद मौर्य के आगमन पर उनसे मिलने पहुंचे थे। इसके बाद मौर्य ने उन्हें 21 सितंबर को राज्य परिवर्तन रैली की तैयारी में जुटने को कहा था।
इस आदेश पर सदर विधायक कुशवाहा समाज के लोगों को बड़ी संख्या लखनऊ ले गए। बुधवार को दोपहर तीन बजे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ अन्य दलों के भी विधायक शामिल हुए हैं। उधर, बसपा जिलाध्यक्ष जानकी प्रसाद अहिरवार ने विज्ञप्ति जारी कर सदर विधायक रमेश कुशवाहा को निष्कासित कर दिया है। इसमें कहा गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यसभा सांसद मायावती के निर्देश पर उन्हें निष्कासित किया गया है। सदर विधायक रमेश कुशवाहा ने दूरभाष पर इतना ही बताया कि वह भाजपा में शामिल हो गए हैं। लेकिन, बसपा से नाराजगी के कारणों को टाल गए।
विधायक के पाला बदलने से अन्य दलों के समीकरण बिगड़ गए हैं। वर्तमान में बसपा ने संतोष कुशवाहा व सपा ने ज्योति सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है जबकि भाजपा का उम्मीदवार घोषित होना बाकी है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि भाजपा ने उन्हें विधानसभा का उम्मीदवार बना सकती है। आज के घटनाक्रम ने इन अटकलों को जन्म दे दिया है।