डोंगरा खुर्द। ब्लॉक के एक विद्यालय में शनिवार को होमवर्क नहीं करने पर कक्षा तीन से पांच तक की चार बच्चियों के साथ एक अध्यापक द्वारा 40-40 डंडों की सजा के मामले में खबर छपने के बाद व्यवस्था की नींद टूटी। खंड शिक्षा अधिकारी छात्राओं के बयान लेने पहुंचे। छात्राओं ने उन्हें दर्दभरी आपबीती सुनाई। लेकिन बाद में बच्चियों के परिजनों से यह तक लिखवा लिया गया कि शिक्षक ने पिटाई नहीं की, खेल-खेल में बच्चों के चोट लग गई। डरे-सहमे बच्चे सुबकते हुए घर वापस लौट गए। मुकदमा दर्ज करने में देरी और पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका भी संदेह और गांव में चर्चा का विषय रही।
सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी मड़ावरा रामगोपाल वर्मा विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बच्चों से बात की। बच्चों ने मारपीट करने की बात कही। इसके बाद वह चले गए। उधर, अरविंद पटेल द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर नाराहट पुलिस ने अध्यापक एवं दो साथियों को थाना में बैठा लिया था। यह खबर गांव में पहुंचते ही ग्रामीण थाना नाराहट पहुंच गए व बच्चों के अभिभावकों ने थाना प्रभारी आनंद पांडेय को लिखकर बताया कि बच्चे गेंद- गड़ा खेल रहे थे, जिससे आपस में एक- दूसरे के पैरों में डंडे लग गए थे। बच्चों ने घर पर डर के मारे बहाना बनाकर अध्यापक की झूठी शिकायत की थी।
हालांकि, सच्चाई यह है कि होमवर्क नहीं करने पर चार बच्चों के साथ अध्यापक ने पिटाई की। जब इसकी खबर ग्रामीणों को लगी और वह स्कूल गए तो शिक्षक विद्यालय से गायब हो गया था। इसके बाद अभिभावकों ने अरविंद के मोबाइल फोन से डायल 112 पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस पहुंची तो मौके पर विद्यालय में कोई नहीं मिला। पुलिस ने सोमवार को अध्यापक एवं अभिभावकों को थाना बुलाया था।
विद्यालय में जाकर बच्चों से जानकारी ली और पूछताछ की है। अब आगे की कार्रवाई बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे।
- रामगोपाल वर्मा
खंड शिक्षा अधिकारी मड़ावरा
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बच्चों के अभिभावकों द्वारा कोई शिकायती पत्र नहीं दिया गया था। अभिभावकों द्वारा लिखित में देकर बताया है कि बच्चों के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है।
- आनंद पांडेय, थाना प्रभारी नाराहट