ललितपुर। किराए के भवनों में कभी चलने वाले विद्यालय आज भी कामचलाऊ व्यवस्था में संचालित हैं। प्राथमिक विद्यालय चौबयाना नंबर एक के कैम्पस में एक साथ पांच स्कूल चल रहे हैं। इससे नगर क्षेत्र के स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
छह से चौदह वर्ष तक की आयु वर्ग के सभी बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा मुहैया कराने को सर्व शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत हर साल लाखों रुपये भवन निर्माण, शिक्षकों के प्रशिक्षण व गुणवत्ता कार्यक्रमों पर व्यय किए जा रहे हैं। इन सब के बाद भी नगर क्षेत्र की स्थिति ग्रामीण क्षेत्र से बदतर है। यहां 26 प्राथमिक एवं 9 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें पांच स्कूलों के पास अपना कोई भवन नहीं है। इस स्थिति में इन स्कूलों को दूसरे स्कूलों के भवनों में संचालित किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय चौबयाना नंबर एक के कैम्पस में एक साथ पांच विद्यालय चल रहे हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालय चौबयाना नंबर एक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौबयाना नंबर एक, प्राथमिक विद्यालय शिवालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवालय व इनक्लूसिव स्कूल शामिल हैं।
इन हालात में एक स्कूल के लिए एक कक्षा कक्ष नसीब हो पा रहा है। इसकी हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम विद्यालय पहुंची तो यहां पाया कि एनपीईजीईएल कक्ष रसोईघर के स्टोर रूम में तब्दील हो गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौबयाना में नामांकित 50 में से 20 बच्चे उपस्थित मिले। यहां की सहायक अध्यापिका प्रतिमा साहू को प्राथमिक विद्यालय चौबयाना के संचालन के लिए लगाया गया था। प्राथमिक विद्यालय शिवालय में 54 में 20 बच्चे हाजिर मिले। पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवालय में नामांकित 26 में 12 बच्चे उपस्थित मिले। वहीं, इनक्लूसिव स्कूल में ताला लटकता मिला।
किराए के भवनों चल रहे स्कूलों के बच्चों को शौचालय व पेयजल की असुविधा हो रही थी। जिसे ध्यान में रखकर इन स्कूलों को अस्थाई व्यवस्था में संचालित किया जा रहा है। इन स्कूलों के समायोजन पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया है।
आभा अग्रवाल
खंड शिक्षा अधिकारी नगर