ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला सिविल लाइन निवासी चार व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद भी प्रशासन को गुमराह करते हुए इलाज से भागने के मामले में कोतवाली पुलिस ने सीएमएस की तहरीर पर चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
थाना कोतवाली अंतर्गत जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके वासवानी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि बीते 7 अगस्त को एंटीजन से कोविड-19 की जांच में एक ही परिवार के तीन सदस्य सिविल लाइन निवासी मनोज कुमार मेहता, राजीव मेहता व सौम्या मेहता संक्रमित पाए गए थे। जो बिना किसी सूचना के चुपचाप जांच स्थल से भाग गए थे। मरीजों के उपचार को उनके लगातार उनके दिए फोन नंबर पर उनसे संपर्क किया जा रहा है। 8 अगस्त को
पॉजिटिव मरीज राजीव मेहता की पत्नी रजनी मेहता जिला चिकित्सालय में कोविड-19 की जांच हेतु उपस्थित हुईं और जांच में वह भी पॉजिटिव पाई गई। जिस पर उनसे उनके परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि सीएमओ साहब की स्वीकृति लेकर उनके परिवार के सदस्य होम आइसोलेट हो गए हैं और वह भी होम आइसोलेट होना चाह रही हैं। इस संबंध में जब कोविड-19 होम आइसोलेट प्रभारी गौरव जैन से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि इस नाम
से कोई भी पॉजिटिव मरीज का आवेदन उनके पास नहीं आया है न ही उपस्थित हुआ है। इस प्रकार उक्त लोगों द्वारा प्रशासन को गुमराह किया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस के वासवानी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।