पीड़ित परिवार से मिलते बसपा नेता
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ललितपुर। ग्राम रौंड़ा में बीते छह दिन पूर्व एक बुजुर्ग को पेशाब पिलाने के प्रयास एवं बुजुर्ग सहित दो युवकों की मारपीट करके जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में अब सियासत गरमाने लगी है। शुक्रवार को बसपा के जिलाध्यक्ष के साथ पूर्व राज्यमंत्री रतनलाल अहिरवार ने गांव में पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना और उन्हें आश्वस्त किया कि वह हर समय खड़े रहने का आश्वासन दिया।
बसपा जिलाध्यक्ष दयाराम अहिरवार, पूर्व राज्यमंत्री व बसपा नेता रतनलाल के साथ ही पूर्व जिलाध्यक्ष भगवानदास रोंड़ा, चंद्रभान सिंह बेसरा, मंडल सेक्टर प्रभारी मोहन रैकवार, भगवानदास प्रजापति, कपिल कुमार बार, विक्रम रोंड़ा का बसपा नेताओं का एक दल शुक्रवार को ग्राम रोंड़ा में पीड़ित बुजुर्ग एवं अन्य सताए पीड़ितों से मिला और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी पार्टी उनकी इस लड़ाई में हर समय हर संभव मदद के लिए खड़ी रहेगी। जिलाध्यक्ष दयाराम अहिरवार ने उक्त पूरे मामले में कोतवाली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सात अक्तूबर को मारपीट की घटना पर पुलिस कार्रवाई करती तो इस प्रकार की घटना से बचा जा सकता था। सात तारीख के बाद 11 तारीख को अनुसूचित जाति वर्ग के बुजुर्ग को पेशाब पिलाने का प्रयास किया गया और फिर उसके साथ मारपीट भी हुई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद भी आरोपी के हौसले बुलंद रहे और फिर 13 अक्टूबर को भी उसने पुलिस की तैनाती के बीच यहां मारपीट की, लेकिन इसमें भी पुलिस ने मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। हालांकि, बाद में पुलिस कप्तान की सूझबूझ और गंभीरता के चलते टीमें गठित कर आरोपी की धरपकड़ की गई, जो सराहनीय है। जिलाध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, लेकिन समाजवादी पार्टी पर पहले भी अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं और इस घटना के बाद कोई भी सपा का नेता या प्रतिनिधि पीड़ित से मिलने नहीं पहुंचा।